👉 यह भी पढ़ें:
- Jantar Mantar Protest : सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों को तुरंत रिहा करने के दिए आदेश, कहा- किसी प्रदर्शनकारी स्टूडेंट पर कार्रवाई नहीं
- Supreme Court ने कहा-शांतिपूर्ण प्रदर्शन मौलिक अधिकार, सिर्फ आंदोलन होने से लाठीचार्ज करना जायज नहीं
- Doctors Safety in India: डोंबिवली में डॉक्टर्स पर हमले के बाद IMA ने जारी किया 100 हिंसक घटनाओं का डिजिटल ग्रिड, WHO के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
- जंतर-मंतर प्रदर्शन को मिला बॉलीवुड का साथ! हुमा कुरैशी पहुंचीं धरनास्थल, नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी भी कर चुके हैं समर्थन
- NEET पेपर लीक पर घिरी सरकार! राहुल गांधी के धरने के बाद बदली रणनीति, सोनम वांगचुक से मुलाकात और संसद में चर्चा पर बनी सहमति
- Preity Zinta on Student Protest: जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन पर बोलीं प्रीति जिंटा, ‘कहीं कोई छात्रों के गुस्से का फायदा तो नहीं उठा रहा?’
0:00 left
लंदन में जस्टिस फॉर हिंदूज प्रदर्शन: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के ख़िलाफ उठी वैश्विक आवाज
ब्रिटेन में बंगाली हिंदू आदर्श संघ (बीएचएएस) यूके के सदस्यों ने शनिवार को लंदन स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर ‘जस्टिस फ़ॉर हिंदूज’ के नाम से विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य बांग्लादेश में कथित रूप से अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं, के उत्पीड़न के मामलों पर अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करना था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन को भारतीय मूल के अन्य संगठनों का भी समर्थन मिला। प्रदर्शनकारियों ने ‘हिंदू लाइव्स मैटर’ जैसे नारे लगाए और धार्मिक एकजुटता के प्रतीक के रूप में ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ भी किया। बीएचएएस यूके ने जारी बयान में कहा कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, जिसमें छात्र, पेशेवर लोग, बच्चों के साथ माता-पिता, बुज़ुर्ग सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न धर्मों के नेता शामिल हुए। संगठन ने कहा कि सभी प्रतिभागी अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा और मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एकजुट थे।
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है, जब बीते हफ़्ते बांग्लादेश के मैमनसिंह ज़िले के भालुका क्षेत्र में धर्म का ‘अपमान’ करने के आरोप में एक हिंदू युवक, दीपू चंद्र दास, की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। स्थानीय पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद उसके शव को एक पेड़ से बांधकर आग के हवाले कर दिया गया, जिससे घटना को लेकर आक्रोश और चिंता और बढ़ गई है।



