हैरदाबाद। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट हैंडलर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला पीएम मोदी के एआई मॉर्फ्ड वीडियो से जुड़ा है, जिसे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान शेयर किया गया था।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने की थी शिकायत
पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायत पर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। श्रीनिवास को दोनों मामलों में सह-आरोपी बनाया गया है। सोशल मीडिया अकाउंट्स से वीडियो शेयर करने वालों को भी आरोपी बनाया गया है।
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पुलिस कर रही है मामले की जांच
पुलिस AI मॉर्फ्ड वीडियो बनाने वाले, सबसे पहले अपलोड करने और वायरल करने वालों की जांच कर रही है। साथ ही फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी कंटेंट रोकने वाले मेटा के सिस्टम और सुरक्षा उपायों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह देखा जा रहा है कि क्या प्लेटफॉर्म का कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम ऐसे वीडियो समय रहते रोकने में सक्षम था या नहीं। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क और वीडियो के सोर्स की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस ने दर्ज किए दो मामले
ये शिकायतें 29 वर्षीय व्यवसायी एस अरविंद रेड्डी और तेलंगाना भाजपा कार्यकर्ता टी साईकिरण गौड़ ने दर्ज कराई हैं। जिसके बाद पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स के हैंडलर्स को आरोपी बनाया है, जबकि मेटा के इंडिया हेड को दोनों मामलों में सह-आरोपी के रूप में नामजद किया है। हैदराबाद पुलिस को की शिकायत में आरोप लगाया गया है, “प्रधानमंत्री और हेरफेर की गई सामग्री में दिखाए गए अन्य व्यक्तियों के प्रति आपत्तिजनक भाषा, उपहास और अभद्र टिप्पणियां शामिल हैं, जिससे पोस्ट की आपत्तिजनक प्रकृति और बढ़ जाती है और उनका व्यापक प्रसार और सहभागिता को बढ़ावा मिलता है। ऐसा प्रतीत होता है कि उपरोक्त सामग्री को डिजिटल रूप से एडिट किया गया है या एआई द्वारा बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है।
मेटा ने दिया है भरोसा
मेटा ने पीएम मोदी सहित प्रमुख खातों के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाते हुए सरकार को आश्वस्त किया है। अब ऐसे वीआईपी पदों की जांच और समीक्षा मेटा के सीनियर अधिकारी ही करेंगे। सामग्री विनियमन (कंटेंट रेगुलेशन) और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए मेटा की टीम इस सप्ताह सरकार से मुलाकात करेगी।
मेटा को दिया गया नोटिस
जांच अधिकारी ने बताया कि शिकायतों में बताए गए आपत्तिजनक लिंक के संबंध में मेटा को नोटिस भेजा गया है। पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जरूरी जानकारी जुटा रही है। एफआईआर से पहले मेटा के अधिकारियों को समन भेजकर AI जनरेटेड स्कैम, फर्जी विज्ञापनों और मॉर्फ्ड कंटेंट की पहचान तथा उसे हटाने की व्यवस्था पर जवाब मांगा गया था। एफआईआर के बाद कंपनी के प्रतिनिधि जांच में शामिल हुए और कंटेंट मॉडरेशन व कंप्लायंस सिस्टम की जानकारी दी। हालांकि, मेटा ने इस मामले पर सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है।



