मध्य प्रदेश लैपटॉप योजना के तहत 80 हजार से अधिक मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता मिलेगी। यह राशि 1 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। यह कदम राज्य सरकार की ओर से डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है।
80 हजार से अधिक छात्र होंगे लाभान्वित
इस वर्ष, मध्य प्रदेश सरकार ने ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के तहत 80,180 मेधावी विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने का निर्णय लिया है। योजना के तहत प्रत्येक छात्र को ₹25,000 की राशि मिलेगी। यह राशि छात्रों को लैपटॉप खरीदने में मदद करेगी, जो उनकी पढ़ाई में सहायक होगा। योजना का उद्देश्य छात्रों की तकनीकी दक्षता बढ़ाना है, जो आज के डिजिटल युग में अनिवार्य है।
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पात्रता मानदंड
योजना का लाभ उन छात्रों को मिलेगा जिन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को लैपटॉप की सुविधा देने का मुख्य उद्देश्य यह है कि वे आगे की पढ़ाई में प्रौद्योगिकी का सही उपयोग कर सकें। इससे छात्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
राशि का वितरण
राशि का अंतरण Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से किया जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी हस्तक्षेप के बिना सीधे बैंक खातों में धनराशि जमा होगी। इससे छात्रों को समय पर सहायता मिल सकेगी, जिससे वे अपने शैक्षणिक कार्यों को निर्बाध रूप से जारी रख सकेंगे। इस प्रणाली से भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होती है।
योजना का उद्देश्य
प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य छात्रों को उनकी उच्च शिक्षा में मदद करना है। लैपटॉप खरीदने के लिए आर्थिक सहायता से छात्रों को डिजिटल शिक्षा में बेहतर अवसर मिलेंगे। यह योजना छात्रों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ती है, जिससे वे नवीनतम शैक्षणिक तकनीकों का लाभ उठा सकें।
पिछले वर्षों की तुलना
पिछले वर्ष इस योजना के तहत लगभग 94 हजार छात्रों को लाभ मिला था। इस बार पात्र छात्रों की संख्या 80,197 है। यह योजना वर्ष 2009-10 में शुरू की गई थी और तब से इसका लाभ लगातार बढ़ रहा है। हालांकि इस वर्ष लाभार्थियों की संख्या में कमी आई है, लेकिन इसका उद्देश्य छात्रों को प्रोत्साहित करना और उन्हें डिजिटल युग के लिए तैयार करना है।
योजना के प्रभाव
इस योजना का प्रभाव छात्रों की शैक्षणिक प्रगति पर सकारात्मक देखा गया है। आर्थिक सहायता मिलने से छात्रों की वित्तीय चिंताएं कम होती हैं, जिससे वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। यह योजना छात्रों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



