नर्मदापुरम के पचमढ़ी में बायसन के हमले में उत्तराखंड के आर्मी जवान की मौत की घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यह दुखद हादसा गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 की शाम लगभग छह बजे पचमढ़ी के आर्मी एजुकेशन सेंटर के खेल मैदान पर हुआ।
पचमढ़ी में बायसन के हमले का हादसा कैसे हुआ
पचमढ़ी में बायसन के हमले के दौरान मृतक जवान आकाश चौहान और उनके साथियों ने शाम को फुटबॉल खेल रहे थे। तभी पास की झाड़ियों से जंगली भैंसा यानी बायसन अचानक बाहर निकला। यह बायसन पीछे से आकाश चौहान पर हमला कर गया और अपने सींग उनके पेट में घोंप दिए।
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इस हमले से आकाश चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी सैनिकों ने उन्हें तुरंत सैन्य अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

आकाश चौहान की सैन्य पृष्ठभूमि और प्रशिक्षण
आकाश चौहान, उम्र 26 वर्ष, उत्तराखंड के पनागढ़ देहरा के रहने वाले थे। वे भारतीय सेना की 17वीं कमांड रेजिमेंट से जुड़े थे। वर्तमान में वे पचमढ़ी के आर्मी एजुकेशन सेंटर में दो वर्षीय चीनी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे थे।
इस घटना ने उनकी सेना और परिवार दोनों में शोक की लहर फैला दी है।
पचमढ़ी के वन क्षेत्र में बायसन का व्यवहार
पचमढ़ी का इलाका सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के नजदीक है। इस कारण वन क्षेत्र से बायसन का आना-जाना आम बात है। हालांकि, इस इलाके में बायसन के हमले की यह पहली जानलेवा घटना है।
वन विभाग और पुलिस के अनुसार, बायसन आमतौर पर मानव से बचते हैं, लेकिन कभी-कभी वे अचानक आक्रामक हो सकते हैं, जो खतरनाक साबित होता है।

वन एवं पुलिस विभाग की आधिकारिक पुष्टि
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक निदेशक संजीव शर्मा और पचमढ़ी थाना प्रभारी गोपाल घासले ने इस घटना और सैनिक की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस ने आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
आम लोगों और सैनिकों पर पचमढ़ी में बायसन के हमले का असर
यह घटना न केवल आर्मी एजुकेशन सेंटर के सैनिकों के लिए, बल्कि पचमढ़ी के स्थानीय निवासियों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। आम लोगों को अब वन क्षेत्र में अधिक सावधानी बरतनी होगी।
सेना परिसर में सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने की मांग बढ़ रही है ताकि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाएं न हों।
बायसन के हमले के बाद संभावित सुरक्षा बढ़ाने के कदम
पचमढ़ी में बायसन के हमले को देखते हुए सेना और वन विभाग मिलकर सुरक्षा बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। इसमें खेल मैदान और आसपास के इलाके में फेंसिंग और निगरानी बढ़ाना शामिल है।
इसके अलावा, सैनिकों को वन्यजीव व्यवहार के बारे में अतिरिक्त प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे सतर्क रह सकें।



