मां तुलजा भवानी और चामुंडा माता को देवास जिले में प्रशासन द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देने का निर्णय लिया गया है। यह ऐतिहासिक पहल नवरात्रि के समापन पर माता मूर्ति विसर्जन के दौरान अपनाई जाएगी।
देवास जिले में मां तुलजा भवानी और चामुंडा माता को गार्ड ऑफ ऑनर का ऐतिहासिक सम्मान
देवास जिले की धार्मिक विरासत को मजबूती देने के लिए पहली बार मां तुलजा भवानी और चामुंडा माता को प्रशासन द्वारा आधिकारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। यह परंपरा नवरात्रि के समापन पर माता की पालकी के सयाजी द्वार पर पहुंचने पर शुरू होगी। इस पहल से देवास की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई मिलेगी।

नगर निगम सभागार में 28 सितंबर 2026 को हुई उच्च स्तरीय बैठक
शारदीय नवरात्रि की तैयारियों को लेकर 28 सितंबर 2026 को नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक में देवास कलेक्टर और प्रशासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। विधायक गायत्री राजे पवार ने इस नई परंपरा के लिए प्रस्ताव रखा था, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से स्वीकार किया।
विधायक गायत्री राजे पवार की विशेष दिशा-निर्देश
विधायक गायत्री राजे पवार ने सुझाव दिया कि नवरात्रि के दौरान लगाए जाने वाले स्वागत बैनर और विज्ञापनों में राजनेताओं के बजाय देवास की माताओं के चित्रों को प्रमुखता दी जाए। इससे धार्मिक भावना को बल मिलेगा और जनप्रतिनिधियों की छवि भी संतुलित रहेगी।

नवरात्रि के दौरान सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर प्रशासन का ध्यान
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ-साथ प्रशासन ने नवरात्रि में सुरक्षा, सफाई, ट्रैफिक सुगमता और पार्किंग की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा और आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न होगा।
देवास के सयाजी द्वार पर गार्ड ऑफ ऑनर समारोह का आयोजन
मां तुलजा भवानी और चामुंडा माता की पालकी को सयाजी द्वार पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। यह स्थान धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस समारोह से देवास की धार्मिक धरोहर की गरिमा बढ़ेगी और श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ेगा।
इस पहल का आम जनता पर सकारात्मक प्रभाव
इस नए सम्मान से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। आम लोग इस परंपरा को गर्व से देखेंगे और नवरात्रि उत्सव की गरिमा में वृद्धि होगी।



