केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मां का निधन की खबर ने पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ा दी है। काशी बाई चौहान का 30 अक्टूबर 2026 की सुबह भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान निधन हो गया।
काशी बाई चौहान का स्वास्थ्य और उपचार
काशी बाई चौहान लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। इसलिए उन्हें भोपाल के एम्स में भर्ती कराया गया था। वहां उनका निरंतर उपचार चल रहा था, लेकिन दुर्भाग्यवश उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इस दौरान कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने उनका इलाज किया।
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मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी मां के स्वास्थ्य को लेकर मीडिया के सामने चिंता व्यक्त की थी।

पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन एवं श्रद्धांजलि
काशी बाई चौहान का पार्थिव शरीर 30 अक्टूबर की सुबह 11 बजे से 12 बजे तक भोपाल के साकेत नगर स्थित उनके आवास पर रखा गया। इस दौरान परिवारजन, करीबी रिश्तेदार और शुभचिंतक उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
समाज के कई गणमान्य व्यक्ति और राजनीतिक नेता भी शोक व्यक्त करने के लिए मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार का आयोजन
काशी बाई चौहान का अंतिम संस्कार दोपहर 3 बजे उनके पैतृक गांव जैत, जो सीहोर जिले में स्थित है, में संपन्न किया गया। पूरे गांव में मातम का माहौल था।
इस मौके पर स्थानीय लोग और शिवराज सिंह चौहान के समर्थक उपस्थित थे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मां के निधन पर राज्य और केंद्र के कई नेताओं ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई।
राजनीतिक हलकों में यह खबर तेजी से फैल गई और सोशल मीडिया पर भी श्रद्धांजलि संदेश आए।
मध्यप्रदेश की जनता पर असर
शिवराज सिंह चौहान की मां का निधन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि मध्यप्रदेश की जनता के लिए भी एक बड़ा सदमा है। शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश में व्यापक जनसमर्थन मिला है।
इस घटना से उनकी राजनीतिक गतिविधियों पर अस्थायी रूप से असर पड़ सकता है क्योंकि वे अपने परिवार के साथ समय बिताएंगे।
आगे की संभावनाएं और परिस्थितियां
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस दुखद घटना के बाद शिवराज सिंह चौहान की आगामी योजनाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, परिवार को इस कठिन समय में पूरी सरकारी और राजनीतिक सहायता मिलने की संभावना है।
मंत्री के करीबी सूत्रों के अनुसार, वे कुछ दिन अवकाश लेकर परिवार के साथ रहेंगे।



