सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर दर्शन पर मौलाना शहाबुद्दीन ने 29 अक्टूबर 2026 को कड़ा फतवा जारी किया है। इस फतवे में उन्होंने अभिनेत्री की इस धार्मिक यात्रा को शरीयत के खिलाफ बताया और माफी मांगने की मांग की।
सारा अली खान की केदारनाथ यात्रा और पूजा-अर्चना
अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह में बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान ने उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में तीन दिन बिताए। उन्होंने आम श्रद्धालुओं की कतार में खड़े होकर पूजा-अर्चना की और आरती में भाग लिया। यह यात्रा उनके लिए खास मानी जाती है क्योंकि उन्होंने 2018 में अपनी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ इसी स्थान पर शूट की थी।
सारा ने किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं की और कड़ाके की ठंड तथा बर्फबारी के बावजूद मंदिर की सामान्य व्यवस्था का सम्मान किया। उनके इस व्यवहार ने कई लोगों का दिल जीता, लेकिन कुछ धार्मिक संगठनों को यह स्वीकार्य नहीं लगा।

मौलाना शहाबुद्दीन का फतवा और शरीयत का हवाला
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना मुफ़्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सारा अली खान के मंदिर दर्शन और पूजा में हिस्सा लेने पर तीखी आपत्ति जताई। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा कि इस्लाम और शरीयत के अनुसार किसी मुस्लिम का मंदिर जाना और मूर्ति पूजा में शामिल होना हराम है।
मौलाना ने सारा को शरीयत के नियमों का उल्लंघन करने वाला बताते हुए उनसे अल्लाह से माफी मांगने यानी तौबा करने की अपील की है। उन्होंने इसे धार्मिक अनुशासन की दृष्टि से गंभीर मामला बताया।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का सनातन हलफनामा प्रस्ताव
सारा अली खान की यात्रा उस समय हुई जब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने गैर-सनातनियों के मंदिर में प्रवेश के लिए सनातन धर्म में आस्था की पुष्टि वाला शपथपत्र मांगे जाने का प्रस्ताव रखा था। मार्च 2026 में समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और उत्तराखंड सरकार को भेजा।
हालांकि, सारा ने मंदिर में प्रवेश से पहले ऐसा कोई शपथपत्र जमा किया या नहीं, इसकी पुष्टि सार्वजनिक तौर पर नहीं हुई। यह विवाद मंदिर में आस्था और धार्मिक सीमाओं को लेकर व्यापक बहस का हिस्सा बना है।
सारा अली खान का केदारनाथ से जुड़ाव
सारा अली खान ने कई बार केदारनाथ यात्रा की है और इस धार्मिक स्थल से उनका गहरा भावनात्मक रिश्ता है। उनकी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ ने भी इस संबंध को मजबूत किया। वे अपनी आध्यात्मिक यात्राओं की तस्वीरें और अनुभव सोशल मीडिया पर साझा करती रहती हैं।
उनका नियमित रूप से यहां आना दर्शाता है कि वे मंदिर की धार्मिक महत्ता को समझती हैं और श्रद्धालुओं के साथ समान रूप से अपनी आस्था जताती हैं।
फतवे पर अभिनेत्री की ओर से प्रतिक्रिया अभी तक नहीं
मौलाना शहाबुद्दीन के फतवे के बाद सारा अली खान या उनके प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। फिल्मी दुनिया और प्रशंसकों के बीच इस विवाद को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
वहीं, धार्मिक और सामाजिक समुदाय इस मामले को संवेदनशीलता और संयम से देखने की अपील कर रहे हैं ताकि विवाद बढ़ने से बचा जा सके।
केदारनाथ मंदिर विवाद का सामाजिक और धार्मिक प्रभाव
सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर दर्शन और मौलाना शहाबुद्दीन के फतवे ने धार्मिक सहिष्णुता और आस्था की सीमाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह विवाद आम जनता में भी चर्चा का विषय बना है।
इससे यह साफ होता है कि धार्मिक स्थलों पर आस्था के मामलों में सांप्रदायिक दृष्टिकोण और नियमों के बीच संतुलन बनाना कितना चुनौतीपूर्ण है। भविष्य में इस तरह के मामलों में मंदिर समिति और धार्मिक समुदायों के बीच संवाद की आवश्यकता बढ़ेगी।



