दमोह में रक्षाबंधन के दिन घटित एक दर्दनाक घटना में बेटे की आत्महत्या के बाद माता-पिता ने भी ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। यह हृदयविदारक घटना मध्य प्रदेश के दमोह-कटनी रेल लाइन पर करैया फाटक और धरमपुरा फाटक के पास हुई।
बेटे की आत्महत्या से परिवार में शोक
रक्षाबंधन के दिन, 28 अगस्त 2026 को, 30 वर्षीय मुकेश अहिरवार ने करैया फाटक के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। मुकेश की आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन पारिवारिक तनाव की संभावना जताई जा रही है।

माता-पिता ने भी दी जान
मुकेश का शव मिलने के बाद, उनके पिता भरत अहिरवार और मां उमा अहिरवार ने भी धरमपुरा फाटक के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना परिवार पर गहरे मानसिक आघात की स्थिति को दर्शाती है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) और जीआरपी (GRP) की टीमें मौके पर पहुंचीं। कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि तीनों शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में भेजा गया है। प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है, जिसका विस्तृत जांच जारी है।

परिवार की स्थितियां और पृष्ठभूमि
मृतक भरत अहिरवार दमोह जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत थे। घटना के समय परिवार का छोटा बेटा अपनी विवाहित बहन को रक्षाबंधन पर लेने सागर गया हुआ था। मुकेश की पत्नी गर्भवती है, जिससे परिवार की स्थिति और भी संवेदनशील हो जाती है।
स्थानीय समुदाय पर घटना का प्रभाव
इस त्रासदी ने स्थानीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। रक्षाबंधन के दिन परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है। स्थानीय निवासियों ने इस घटना को पारिवारिक और सामाजिक तनावों का परिणाम बताया है।
आगे की जांच और संभावित कारण
पुलिस ने इस मामले में परिवार के अन्य सदस्यों और पड़ोसियों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। हालांकि, आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मानसिक स्वास्थ्य समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।



