कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलोंगिंग’ को लेकर पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने प्रकाशित करने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के पीछे पांडुलिपि में संपादकीय बदलाव और सामग्री हटाने के प्रस्ताव को सोनिया गांधी द्वारा खारिज करना मुख्य कारण बताया जा रहा है। यह निर्णय भारतीय साहित्यिक जगत में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह न केवल एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती की आत्मकथा है, बल्कि इससे राजनीतिक और साहित्यिक समुदायों में चर्चा भी गर्म हो गई है।
पेंग्विन इंडिया का इनकार और विवाद
पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने सोनिया गांधी की किताब ‘बिलोंगिंग’ के कुछ हिस्सों में संपादकीय बदलाव का सुझाव दिया था। हालांकि, सोनिया गांधी ने इन बदलावों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण प्रकाशक को किताब के भारतीय संस्करण को नहीं छापने का निर्णय लेना पड़ा। इस प्रकार के संपादकीय मतभेद अक्सर लेखक और प्रकाशक के बीच तनाव का कारण बनते हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- लोकसभा अध्यक्ष ने टीएमसी के 20 बागी सांसदों को भेजा नोटिस
- गृह मामलों की समिति में पैलेट गन पर विपक्ष का हंगामा
- कांग्रेस ने जनगणना प्रक्रिया में बदलाव के लिए पीएम मोदी को लिखा पत्र
- बेरोजगारी पर प्रियंका गांधी का केंद्र पर हमला, 40 साल में उच्चतम दर
- सीएम योगी का राहुल पर वार: मनुस्मृति टिप्पणी पर जताई आपत्ति
- मध्य प्रदेश भाजपा की रणनीति पर मंथन, 30-31 अगस्त को ओरछा में बैठक
यह पहला मौका नहीं है जब पेंग्विन इंडिया विवादों में आया है। पहले भी जनरल एम. एम. नरवणे की किताब और मुजफ्फरनगर दंगों पर ग्राफिक उपन्यास को लेकर विवाद सामने आ चुके हैं। ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि पेंग्विन इंडिया अक्सर विवादास्पद विषयों की पुस्तकों को प्रकाशित करते समय चुनौतियों का सामना करता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय समय पर प्रकाशित होगी किताब
सोनिया गांधी की आत्मकथा का अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन 10 नवंबर 2026 को होगा। अमेरिका में इसे पेंग्विन के ही अल्फ्रेड ए. नोपफ द्वारा प्रकाशित किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन की तैयारी दिखाती है कि किताब के प्रति वैश्विक स्तर पर कितनी रुचि है।
यह किताब 544 पृष्ठों की है और इसके पहले प्रिंट रन के लिए 1,00,000 प्रतियों का लक्ष्य रखा गया है। इससे किताब की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता का अनुमान लगाया जा सकता है। यह दर्शाता है कि सोनिया गांधी का जीवन और उनके अनुभव कितने व्यापक रूप से चर्चित और सराहे जाते हैं।
भारत में नए प्रकाशक की खोज
पेंग्विन इंडिया के हटने के बाद भारत में किताब के प्रकाशन के अधिकारों के लिए हार्पर कॉलिन्स इंडिया सबसे आगे है। उनके साथ समझौता लगभग अंतिम चरण में है। इस प्रक्रिया के दौरान, कई अन्य प्रकाशक भी इस किताब के अधिकारों में रुचि दिखा सकते हैं।
इससे यह संकेत मिलता है कि भारतीय पाठक जल्द ही इस किताब को पढ़ सकेंगे, हालांकि इसके लिए अभी थोड़ी प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। यह प्रतीक्षा भारतीय साहित्य प्रेमियों के लिए उत्सुकता बढ़ा रही है।
किताब की विषय-वस्तु
‘बिलोंगिंग’ में सोनिया गांधी के जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं का विवरण है। इसमें उनके इटली के शुरुआती जीवन से लेकर भारत आने और फिर राजनीति में उनका प्रवेश शामिल है।
किताब में 2004 में प्रधानमंत्री पद न लेने के उनके ऐतिहासिक फैसले का भी जिक्र है, जो उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। इस प्रकार की घटनाएँ पाठकों को उनके जीवन के गहरे आयामों को समझने में मदद करती हैं।
राहुल गांधी ने किया समर्थन
20 अगस्त 2026 को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इस किताब का स्वागत किया। उन्होंने अपनी मां के साहस और गरिमा की सराहना की, जो पाठकों को इस किताब को पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है। उनके इस समर्थन से पार्टी के भीतर और बाहर किताब के प्रति सकारात्मक माहौल बन रहा है।
राहुल गांधी के इस बयान से यह स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी में इस किताब को लेकर उत्सुकता और समर्थन है। यह समर्थन न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह किताब की संभावित सफलता के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।



