कांग्रेस ने जनगणना प्रक्रिया में बदलाव के लिए पीएम मोदी को लिखा पत्र

Date:

AI Audio Companion Ready to stream
0:00
0:00 left

कांग्रेस ने जनगणना प्रक्रिया में बदलाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। यह पत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा संयुक्त रूप से भेजा गया है। पत्र में जातिगत जनगणना के लिए मौजूदा प्रश्नावली पर आपत्ति जताई गई है।

मौजूदा प्रश्नावली पर आपत्ति

कांग्रेस नेताओं ने सरकार द्वारा जाति डेटा एकत्र करने के लिए जारी मौजूदा जनगणना प्रश्नावली को रद्द करने की मांग की है। उनके अनुसार, वर्तमान ‘ओपन-एंडेड’ प्रारूप से जातिगत जानकारी अधूरी रह सकती है। इससे न केवल डेटा की सटीकता प्रभावित होगी, बल्कि इससे समाज के वंचित वर्गों को सही तरीके से पहचाना नहीं जा सकेगा। प्रश्नावली में इस खामी के कारण ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्गों की सही संख्या का अनुमान नहीं लगाया जा सकता, जो सरकारी योजनाओं के लिए आवश्यक है।

कांग्रेस नेताओं का जनगणना पर चर्चा करते हुए चित्र

‘ड्रॉप-डाउन सूची’ का सुझाव

कांग्रेस ने सुझाव दिया है कि जातियों की जानकारी के लिए ‘ड्रॉप-डाउन सूची’ का उपयोग किया जाए। यह सूची पूर्व-सत्यापित जातियों पर आधारित होनी चाहिए, जिससे डेटा अधिक सटीक और उपयोगी हो सके। ड्रॉप-डाउन सूची का उपयोग करने से न केवल प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि इससे गलतियों की संभावना भी कम हो जाएगी। यह विधि डेटा को अधिक संगठित और विश्लेषण के लिए तैयार बनाएगी।

बिहार और तेलंगाना मॉडल का हवाला

पत्र में बिहार और तेलंगाना में किए गए जातिगत सर्वेक्षणों के मॉडल का उदाहरण दिया गया है। कांग्रेस ने इन्हीं मॉडल्स के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर गणना करने की सलाह दी है। बिहार और तेलंगाना ने अपने सर्वेक्षणों में विस्तृत और समावेशी दृष्टिकोण अपनाया, जिससे वहां की सरकारों को नीति निर्माण में मदद मिली। इन मॉडल्स के तहत विस्तृत डेटा संग्रहण और विश्लेषण की प्रक्रिया ने सकारात्मक परिणाम दिए थे।

हितधारकों से परामर्श की मांग

कांग्रेस ने सुझाव दिया है कि नई प्रश्नावली तैयार करने से पहले सभी राजनीतिक दलों और विषय विशेषज्ञों से परामर्श किया जाए। यह प्रक्रिया ओबीसी और वंचित समुदायों के सही आंकड़े सामने लाने में मदद करेगी। परामर्श से यह सुनिश्चित होगा कि जनगणना प्रक्रिया समावेशी और निष्पक्ष हो। सभी हितधारकों की भागीदारी से सवालों की गुणवत्ता और उत्तरों की प्रामाणिकता में सुधार होगा।

आम आदमी पर असर

यदि प्रस्तावित बदलाव किए जाते हैं, तो यह आम आदमी के डेटा की सटीकता को बढ़ा सकता है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंच सकेगा। जातिगत डेटा की सटीकता से नीतिगत योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा। इससे समाज के विभिन्न वर्गों के विकास में मदद मिलेगी और आर्थिक असमानता को कम करने में सहायता मिलेगी।

आगे की संभावनाएँ

इस पत्र पर सरकार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यदि सरकार कांग्रेस के सुझावों पर विचार करती है, तो जनगणना 2027 अधिक सटीक और प्रभावी हो सकती है। यह बदलाव समाज में पारदर्शिता और समानता को बढ़ावा देगा। सरकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया से जनगणना प्रक्रिया में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा, जो दीर्घकालिक नीतिगत सुधारों का आधार बन सकता है।

राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ

जनगणना प्रक्रिया में बदलाव का मुद्दा केवल तकनीकी सुधार तक सीमित नहीं है। यह राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। जातिगत जनगणना का सटीक डेटा सामाजिक न्याय और नीति निर्धारण में आधारभूत भूमिका निभाता है। राजनीतिक दल इस डेटा का उपयोग अपने चुनावी एजेंडों और विकास योजनाओं में करते हैं। इसलिए, यह मुद्दा न केवल प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक क्षेत्र में भी व्यापक चर्चा का विषय है।

Ardhendu Bhushan - Consulting Editor
Ardhendu Bhushan - Consulting Editorhttp://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

योजना 171 की 13 संस्थाओं का ऑडिट ही आधा-अधूरा, कई सारे केस, फिर कैसे लोगों को प्लॉट देने जा रहा आईडीए?

इंदौर योजना 171 की 13 गृह निर्माण संस्थाओं के ऑडिट विवादों से प्लॉट आवंटन में अड़चनें आ रही हैं। कई केस और कोर्ट प्रकरण मामले को और जटिल बना रहे हैं।

राहुल गांधी बोले: राष्ट्रपति ने वोट चोरी का खंडन नहीं किया, सबूत मांगे

राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कहा कि वोट चोरी के आरोपों का खंडन नहीं मिला। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त हटाने और वोट चोरी की जांच की मांग की है।

महुआ मोइत्रा ने दिया अनोखा सुझाव, भगवा पहनकर गदा लेकर जंतर-मंतर जाएं

महुआ मोइत्रा ने भगवा पहनकर जंतर-मंतर जाने का अनोखा सुझाव दिया। यह प्रदर्शन 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगा।

विपक्ष के 10 बड़े नेता CEC ज्ञानेश के खिलाफ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले

विपक्ष के 10 बड़े नेता CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची में अनियमितताओं पर ध्यान।

हरदा में सीएम मोहन यादव का एक्शन, आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक निलंबित

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा में जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग को निलंबित किया। यह कार्रवाई मानदेय भुगतान में 10 महीने से देरी के कारण हुई।

MP हाई कोर्ट ने OBC आरक्षण बढ़ाकर 27% करने वाला कानून किया निरस्त, 14% रहेगा

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने OBC आरक्षण बढ़ाकर 27% करने वाले कानून को रद्द कर दिया है। अब ओबीसी आरक्षण 14% ही रहेगा। कोर्ट ने 13% होल्ड पदों पर अनारक्षित वर्ग की नियुक्ति का आदेश दिया है।

डिजिटल कैंची से जल्द हटाएं फेक वीडियो, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश

डिजिटल कैंची से फेक वीडियो हटाएं, यह निर्देश इलेक्ट्रॉनिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दिया है। एआई कंटेंट पर लेबलिंग भी जरूरी होगी।

भोपाल: डिप्टी सीएम के OSD पर 1 करोड़ रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगा

भोपाल में डिप्टी सीएम के OSD पर 1 करोड़ रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगा है। दीपम रायचूरा को प्रभार से हटाया गया है। मामले की विभागीय जांच जारी है।

भोपाल: डिप्टी सीएम के OSD पर 1 करोड़ रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगा

भोपाल में डिप्टी सीएम के OSD पर 1 करोड़ रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगा है। दीपम रायचूरा को प्रभार से हटाया गया है। मामले की विभागीय जांच जारी है।

शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों का विश्वास बढ़ा। सेंसेक्स में 879 अंक की तेजी आई।