मध्य प्रदेश कैबिनेट ने हाल ही में विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिसमें कुल ₹1.46 लाख करोड़ के प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ‘लाड़ली बहना योजना’ और ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ जैसे कार्यक्रमों को जारी रखने के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय स्वीकृति मिली है। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को मजबूत करना है, जिससे प्रदेश की जनता को राहत मिल सके।
लाड़ली बहना योजना को मिली नई मंजूरी
कैबिनेट ने ‘लाड़ली बहना योजना’ को अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने हेतु ₹1,14,365 करोड़ की स्वीकृति दी है। इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करना है। वर्तमान में, इसके तहत लगभग 1.27 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। यह योजना महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनके आत्मनिर्भर बनने की संभावना बढ़ी है।
👉 यह भी पढ़ें:

लाड़ली लक्ष्मी और मातृ वंदना योजना
‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ के लिए ₹16,326.47 करोड़ और ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ के लिए ₹2,137.65 करोड़ की मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। शिक्षा के क्षेत्र में यह निवेश बालिकाओं को बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करेगा। साथ ही, मातृ वंदना योजना मातृत्व के दौरान महिलाओं को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होता है।
नर्मदा संरक्षण के लिए ‘नमन मिशन’
नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ का गठन किया गया है। इस मिशन को मध्य प्रदेश सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के तहत पंजीकृत किया जाएगा। मिशन के तहत सतत प्रबंधन के लिए अनेक राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों को जोड़ा जाएगा। नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की जीवनधारा है। इसका संरक्षण पर्यावरणीय स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस मिशन से नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा रही है, जो कृषि और पीने के पानी के लिए महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए व्यापक निवेश
स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए ₹11,835.35 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन के लिए भी प्रावधान शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में यह निवेश आम जनता के लिए राहतकारी होगा। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बढ़ेगी। स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन से प्रदेश में स्वास्थ्य सूचकांकों में भी सुधार की उम्मीद है।

कृषि और विज्ञान के क्षेत्र में निवेश
कृषि क्षेत्र के विकास के लिए ₹870.16 करोड़ और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए ₹734 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य कृषि शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान में प्रगति लाना है। कृषि क्षेत्र में यह निवेश किसानों की आय बढ़ाने और फसल उत्पादन में सुधार के लिए महत्वपूर्ण होगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी में निवेश से प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, जो उद्योगों और शिक्षा के लिए लाभकारी होगा।
सड़क विकास और प्रशासनिक ढांचे में सुधार
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के लिए 35 नए पदों को स्वीकृति दी गई है। इसके लिए निगम को अपने स्रोतों से ₹4.12 करोड़ का वार्षिक वित्तीय भार उठाना होगा। इन सुधारों से राज्य के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद है। सड़क विकास से न केवल यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। प्रशासनिक ढांचे में सुधार से सरकारी सेवाओं की दक्षता में वृद्धि होगी, जिससे आम जनता को सीधा लाभ होगा।
आगे की दिशा
कैबिनेट के इन निर्णयों से प्रदेश के विकास में तेजी आने की संभावना है। इन योजनाओं और निवेशों का प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा। मुख्यतः महिलाओं और बच्चों की स्थिति में सुधार होगा, जिससे समाज में समग्र सकारात्मक परिवर्तन दृष्टिगोचर होगा। भविष्य में इन फैसलों के क्रियान्वयन की दिशा और गति पर भी ध्यान देने की आवश्यकता होगी, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सके।



