होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट में मौजूद सभी बारूदी सुरंगें यानी माइंस हटा दी गई हैं या नष्ट कर दी गई हैं।
गरीबाबादी ने अमेरिकी दावे को “प्रचार के लिए किया गया झूठा दावा” बताया। ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा था कि अमेरिकी नौसेना ने उन्हें जानकारी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट से सभी माइंस हटा दी गई हैं। उन्होंने ईरान को चेतावनी भी दी थी कि अगर कोई जहाज दोबारा माइंस बिछाते हुए पकड़ा गया तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा।
👉 यह भी पढ़ें:
- UN में भारत की बड़ी अपील: युद्ध का असर अब सिर्फ रणभूमि तक नहीं, वैश्विक Food Security पर संकट
- होर्मुज स्ट्रेट से हटाई गईं सभी बारूदी सुरंगें? ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर पर हमला! अज्ञात प्रोजेक्टाइल से इंजन रूम क्षतिग्रस्त
- ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पाकिस्तान पहुंचे पेजेश्कियान, जनरल आसिम मुनीर से मुलाकात के बाद अमेरिका को दिया बड़ा संदेश
- होर्मुज स्ट्रेट को ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ बताने वाला ट्रंप का नक्शा, ईरान से फिर बढ़ा तनाव
- ईरान युद्ध खत्म करने के पक्ष में, ट्रंप का सख्त रुख—क्या शुरू होगी शांति वार्ता?
ईरान ने उठाया बड़ा सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गरीबाबादी ने अमेरिकी दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने वास्तव में होर्मुज स्ट्रेट से सभी माइंस हटा दी हैं, तो अभी तक कोई जहाज इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजर क्यों नहीं पा रहा है?

उनका यह बयान अमेरिका के दावे पर सीधे सवाल खड़े करता है।
अमेरिकी माइनस्वीपर को ईरान की चेतावनी
गरीबाबादी ने इससे भी कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी माइनस्वीपर जहाज होर्मुज स्ट्रेट के इलाके में प्रवेश करते हैं, तो ईरान उन्हें निशाना बना सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है। यहां बढ़ता तनाव केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के दावों में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
आप क्या सोचते हैं? क्या होर्मुज स्ट्रेट में माइंस को लेकर अमेरिका और ईरान के दावों के बीच कोई बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है? क्या इसका असर दुनिया भर में तेल की कीमतों पर पड़ेगा? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।



