बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। कंगना ने आशुतोष राणा, सोनू सूद, तापसी पन्नू, राखी सावंत और बाबा रामदेव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि वह ऐसे लोगों की सलाह या ‘ज्ञान’ नहीं सुनना चाहतीं, जिन्हें वह अपनी सफलता के स्तर का नहीं मानतीं।
कंगना ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने उनकी सफलता का एक फीसदी भी हासिल नहीं किया है, तो वह उसकी सलाह नहीं लेंगी। उन्होंने अपने आलोचकों से यहां तक कह दिया कि “पहले कंगना रनौत बनकर दिखाइए।” उनके मुताबिक, कुछ लोग लगातार उनके खिलाफ बयान देकर केवल मीडिया का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।
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तापसी पन्नू और सोनू सूद पर भी निशाना
कंगना ने सोनू सूद पर उन्हें बोलने का तरीका सीखने की सलाह देने का आरोप लगाया। वहीं राखी सावंत पर अपने चरित्र को लेकर कथित तौर पर भद्दी टिप्पणी करने का आरोप लगाया। तापसी पन्नू को लेकर कंगना ने कहा कि उन्होंने उनके माता-पिता, परवरिश और पृष्ठभूमि पर टिप्पणी की है। तापसी और कंगना के बीच पुराना विवाद एक बार फिर हालिया बयानों के बाद चर्चा में आया है।
सोनू सूद पहले कंगना की Gen Z को लेकर की गई “Generation Gutter” टिप्पणी पर भी सार्वजनिक रूप से असहमति जता चुके हैं और लोगों से बोलने से पहले सोचने की अपील की थी।

बाबा रामदेव को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी
कंगना ने योग गुरु बाबा रामदेव पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक महिला के बारे में की गई कथित टिप्पणियों से उन्होंने “हर मर्यादा” पार कर दी और महिलाओं के प्रति अपने नजरिए पर उन्हें विचार करना चाहिए। कंगना और रामदेव के बीच पिछले दिनों से सार्वजनिक बयानबाजी चल रही है। हालांकि, रामदेव ने बाद में इस विवाद को आगे न बढ़ाने की बात कही थी।
अब सवाल जनता से…
कंगना रनौत का यह बयान सोशल मीडिया और बॉलीवुड में एक नई बहस को जन्म दे सकता है। क्या किसी की सलाह को उसकी सफलता के आधार पर स्वीकार या खारिज करना सही है? या फिर आलोचना करने वाले की सफलता से ज्यादा उसकी बात की गुणवत्ता मायने रखती है?
आप कंगना रनौत के इस बयान से कितने सहमत हैं? क्या कंगना को आलोचकों को जवाब देना चाहिए या उनकी बातों को नजरअंदाज करना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



