नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की सेहत को लेकर क्रिकेट जगत एक बार फिर एकजुट होता नजर आया है। भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव, सुनील गावस्कर और दिलीप वेंगसरकर समेत दुनिया के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर इमरान खान को उचित और तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की है। ताजा अपील में 21 पूर्व कप्तानों के शामिल होने की पुष्टि प्रमुख रिपोर्टों में हुई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में हस्ताक्षरकर्ताओं की संख्या 22 बताई गई है।
यह अपील ऐसे समय सामने आई है जब इमरान खान की सेहत और जेल में उनके इलाज को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उनके स्वास्थ्य की जांच और इलाज को लेकर निर्देश दिए थे। पूर्व क्रिकेट कप्तानों का कहना है कि अदालत के निर्देशों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया नहीं हो सकी और इसलिए उन्होंने पाकिस्तान सरकार से दोबारा हस्तक्षेप करने की मांग की है।
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पहली अपील के बाद फिर सामने आए दिग्गज
इमरान खान को लेकर यह क्रिकेट जगत की पहली सामूहिक अपील नहीं है। फरवरी 2026 में भी 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखकर इमरान खान को तत्काल और पर्याप्त चिकित्सा सुविधा देने की मांग की थी। उस पत्र में कपिल देव, सुनील गावस्कर, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, एलन बॉर्डर, क्लाइव लॉयड, डेविड गावर और जॉन राइट जैसे दिग्गज शामिल थे। अब अगस्त में सामने आई नई अपील को उसी अभियान की अगली कड़ी माना जा रहा है। इस बार भी दुनिया के अलग-अलग क्रिकेट देशों के पूर्व कप्तान एक मंच पर आए हैं। खास बात यह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैदान पर दशकों पुरानी प्रतिद्वंद्विता के बावजूद भारतीय दिग्गजों ने इमरान खान की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को लेकर मानवीय आधार पर आवाज उठाई है।
पूर्व कप्तानों की तीन मांगें
पहली मांग—स्वतंत्र और पूरी मेडिकल जांच। पूर्व क्रिकेटरों ने कहा है कि इमरान खान की स्वास्थ्य जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार गठित मेडिकल बोर्ड से कराई जानी चाहिए। इसमें उनके अपने डॉक्टरों को भी शामिल किया जाए, ताकि जांच को लेकर किसी तरह का संदेह न रहे। खासतौर पर उनकी दाईं आंख की रोशनी से जुड़ी शिकायत को गंभीरता से लेने की मांग की गई है।
दूसरी मांग—परिवार से नियमित मुलाकात। पत्र में इमरान खान के परिवार को अदालत के निर्देश के अनुसार हर सप्ताह उनसे मिलने देने की मांग की गई है। पूर्व कप्तानों का कहना है कि जेल में बंद किसी व्यक्ति की मानवीय जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और परिवार से मुलाकात में प्रशासनिक अड़चन नहीं होनी चाहिए।
तीसरी मांग—इलाज में देरी नहीं हो। मेडिकल बोर्ड जिस भी उपचार की सिफारिश करे, उसे तत्काल उपलब्ध कराने की अपील की गई है। यानी मेडिकल जांच केवल औपचारिकता न रह जाए, बल्कि उसके आधार पर जरूरी इलाज भी समय पर कराया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी चिंता
इमरान खान की सेहत को लेकर चिंता उस समय और बढ़ गई जब पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को उन्हें जेल से अस्पताल ले जाकर चिकित्सकीय जांच कराने का आदेश दिया। अदालत ने उनके इलाज के लिए मेडिकल पैनल और उनके निजी चिकित्सक की भागीदारी से जुड़ी व्यवस्था के निर्देश दिए थे। इसके बाद इमरान खान को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक सरकारी डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की और उन्हें चिकित्सकीय रूप से फिट बताया। इमरान खान के समर्थकों और उनके परिवार की ओर से इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने भी इसी घटनाक्रम को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। उनका मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की भावना के अनुरूप इमरान खान की पूरी और स्वतंत्र चिकित्सा जांच जरूरी है।
दाईं आंख की रोशनी को लेकर चिंता
इमरान खान की सेहत से जुड़े मुद्दों में उनकी दाईं आंख की रोशनी का मामला विशेष रूप से चर्चा में है। पूर्व क्रिकेटरों ने पत्र में इस शिकायत का विशेष उल्लेख करते हुए विस्तृत जांच की मांग की है। इमरान खान के परिवार और उनकी पार्टी की ओर से पहले भी उनकी आंखों की समस्या को लेकर चिंता जताई गई थी। हालांकि, उनकी वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। यही वजह है कि पूर्व कप्तानों ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड से पूरी जांच कराने की मांग की है।
कौन-कौन से बड़े नाम शामिल?
इस अपील में भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े नाम कपिल देव और सुनील गावस्कर शामिल हैं। इनके अलावा भारत के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने भी पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। विदेशों से भी क्रिकेट के कई दिग्गज इस पहल का हिस्सा बने हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर और ग्रेग चैपल, वेस्टइंडीज के क्लाइव लॉयड तथा इंग्लैंड के पूर्व कप्तानों समेत कई नाम शामिल हैं। यह वही क्रिकेट बिरादरी है जिसने फरवरी में भी इमरान खान की स्थिति को लेकर पाकिस्तान सरकार से अपील की थी। इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें अलग-अलग देशों और क्रिकेट संस्कृतियों से जुड़े पूर्व कप्तान शामिल हैं। क्रिकेट के मैदान पर जिन खिलाड़ियों की टीमों के बीच जबरदस्त मुकाबले होते थे, वे अब एक पूर्व साथी खिलाड़ी की स्वास्थ्य संबंधी चिंता को लेकर साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।
इंसानियत के नाम पर अपील
पूर्व कप्तानों की ओर से की गई अपील में खास बात यह है कि उन्होंने इसे राजनीतिक समर्थन के तौर पर पेश नहीं किया है। उनकी चिंता मुख्य रूप से इमरान खान के स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधा, परिवार से मुलाकात और जेल में मानवीय परिस्थितियों को लेकर है। यही वजह है कि इस पत्र को क्रिकेट जगत की एक असामान्य पहल माना जा रहा है। भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा राजनीतिक और क्रिकेट संबंधों में तनाव के बावजूद कपिल देव और सुनील गावस्कर जैसे भारतीय दिग्गजों का पत्र पर हस्ताक्षर करना इस अपील को और महत्वपूर्ण बना देता है।



