रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGAU) पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में एक प्रोफेसर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि प्रश्नपत्र को सीलबंद लिफाफे से बाहर निकाले बिना ही एक खास तकनीक से उसका वीडियो बनाया गया और फिर छात्रों तक पहुंचाया गया।
सुई से छेद, एंडोस्कोपी कैमरे से बनाया पेपर का वीडियो
👉 यह भी पढ़ें:
- रायपुर में पति ने पत्नी और दो बेटों की चाकू से हत्या, खुद को भी किया घायल
- पूर्व सीएम भूपेश बघेल के OSD चेतन बोरघरिया गिरफ्तार, PMLA के तहत ED की कार्रवाई
- रायपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: उरला इंडस्ट्रियल एरिया में बड़ा विस्फोट, 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत
- Padma Vibhushan Teejan Bai Passes Away: पंडवानी की अमर आवाज हुई खामोश, छत्तीसगढ़ की लोककला ने खोया अपना सबसे बड़ा सितारा
- छत्तीसगढ़ के कांकेर में आईईडी ब्लास्ट, डीआरजी के तीन जवान घायल, तलाशी अभियान जारी
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पहाड़ से टकराकर क्रैश हुआ प्राइवेट विमान, पहाड़ से आग की लपटें उठती दिखीं
तेलीबांधा पुलिस के अनुसार, दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र के सीलबंद लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण की मदद से छोटा छेद किया। इसके बाद एंडोस्कोपी कैमरा लिफाफे के अंदर डालकर पूरे प्रश्नपत्र का वीडियो बनाया गया।
पुलिस का दावा है कि इसी वीडियो के आधार पर प्रश्नपत्र की कॉपी तैयार की गई और उसे 11 हजार रुपये में कॉलेज के तीन छात्रों को बेचा गया।

28 कृषि कॉलेजों की परीक्षाएं हुई थीं रद्द
मामला तब सामने आया जब इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े 28 कृषि कॉलेजों की स्नातक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र पहले ही लीक होने की जानकारी सामने आई। 7 और 20 अगस्त को प्रस्तावित परीक्षाओं को इसके बाद रद्द करना पड़ा।
अपराध दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज की और राज्य के अलग-अलग जिलों में टीमें भेजीं। पुलिस का कहना है कि लगातार जांच और संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल के बाद प्रोफेसर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
यह मामला सामने आने के बाद पेपर लीक, परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर जांच में आरोप साबित होते हैं, तो यह शिक्षा व्यवस्था में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल होगा।



