राजनांदगांव की पहली महिला IPS अंकिता शर्मा पर AK-47 से फायर का वीडियो वायरल होने से पुलिस विभाग में सुरक्षा प्रोटोकॉल और हथियार संचालन के नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह घटना 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर राजनांदगांव पुलिस लाइन्स में आयोजित शस्त्र पूजन के दौरान हुई।
विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन में हुई AK-47 से हवाई फायरिंग
20 अक्टूबर को राजनांदगांव पुलिस लाइन्स में आयोजित पारंपरिक शस्त्र पूजा कार्यक्रम के दौरान एसपी अंकिता शर्मा ने नीली साड़ी पहनकर AK-47 राइफल से हवा में कई राउंड फायरिंग की। इस दौरान उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। फायरिंग के बाद यह घटना पुलिस महकमे में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का मसला बनी। साथ ही, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर भी फायरिंग करते दिखाई दिए।
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पुलिस मुख्यालय ने मामले पर कारण बताओ नोटिस जारी किया
22 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ने इस वायरल वीडियो के बाद एसपी अंकिता शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव ने बताया कि हथियार संचालन के नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन के कारण यह नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाले इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व सैन्य अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर जताई चिंता
भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. ढिल्लों ने इस वायरल वीडियो को असुरक्षित हथियार हैंडलिंग का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि लोडेड हथियार को इस तरह संभालना खतरनाक है और सुरक्षा मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है। वहीं, पूर्व आईपीएस अधिकारी आर.के. विज ने कहा कि दशहरे पर शस्त्र पूजा का मतलब केवल हथियारों की पूजा है, न कि उन्हें असुरक्षित तरीके से चलाने की अनुमति। इस तरह की फायरिंग से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

पुलिस विभाग में सुरक्षा नियमों का महत्व और आम जनता पर असर
पुलिस अधिकारियों द्वारा हथियारों की सुरक्षित हैंडलिंग बेहद आवश्यक है। इसके बिना न केवल पुलिस बल की छवि प्रभावित होती है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। हवाई फायरिंग से नीचे गिरी गोलियां किसी को घायल कर सकती हैं। इसलिए सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। इस घटना ने जिले में सुरक्षा नियमों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया और प्रशासन की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। अधिकांश यूजर्स ने इस घटना को सुरक्षा नियमों की अवहेलना बताया। वहीं कुछ ने महिला आईपीएस के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एक घटना से पूरे करियर को आंका नहीं जाना चाहिए। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्टीकरण मांगा है और आगे की कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय एसपी अंकिता शर्मा से जवाब मिलने के बाद आईजी अजय यादव की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा। इसमें अनुशासनात्मक कदम या अन्य आवश्यक निर्णय शामिल हो सकते हैं। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। इस घटना ने पुलिस विभाग में सुरक्षा प्रोटोकॉल के महत्व को दोबारा उजागर किया है।



