हरियाणा के करनाल में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 22 अक्टूबर 2026 को किसान चौपाल में किसानों का सेवक होने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि खेती और किसानों के सम्मान पर कभी आंच नहीं आने दूंगा। इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान – रबी 2026’ की भी शुरुआत की।
करनाल के तरावड़ी में ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत
किसानों का सेवक होने का भरोसा दिलाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने करनाल जिले के तरावड़ी से 40 दिवसीय ‘खेत बचाओ अभियान – रबी 2026’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा समेत कई गणमान्य व्यक्तियों और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
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उन्होंने कहा कि यह अभियान रासायनिक खादों के अंधाधुंध उपयोग को रोक कर मिट्टी की उर्वरता को बचाने के लिए है।

किसानों का सेवक होने का विश्वास और सम्मान की रक्षा
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि वे खुद को किसी ऊंचे पद पर बैठे नेता नहीं बल्कि किसानों का सेवक मानते हैं। उन्होंने कहा, “यह पगड़ी किसान के सम्मान का प्रतीक है, जिसे कभी झुकने नहीं दिया जाएगा।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
किसानों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की भावना ने कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को उत्साहित किया।
संतुलित खाद उपयोग के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड का आग्रह
केंद्रीय मंत्री ने किसानों से आग्रह किया कि वे रासायनिक उर्वरकों का बिना जांच के उपयोग बंद करें। उन्होंने समझाया कि मिट्टी परीक्षण यानी सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर ही खाद डालना चाहिए। इसके कारण मिट्टी की सेहत बनी रहेगी और लागत भी कम होगी।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि बिना बीमारी के कैल्शियम की गोलियां लेने से शरीर को नुकसान होता है, उसी तरह बिना जरूरत के रासायनिक खाद डालना मिट्टी के लिए हानिकारक है।

पराली प्रबंधन में किसानों की सराहना और प्रोत्साहन राशि
शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा के किसानों की पराली जलाने में कमी लाने की कोशिशों की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि पराली न जलाने वाले किसानों को हरियाणा सरकार ₹1,200 प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता दे रही है। यह प्रोत्साहन प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर इस समस्या का समाधान कर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने प्राकृतिक खेती के फायदों पर जोर देते हुए किसानों से कम से कम एक एकड़ जमीन पर इसे अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने अपने खेतों में प्राकृतिक खेती के अनुभव साझा किए और कहा कि वैज्ञानिक विधि से ही उत्पादन बेहतर होता है।
इस पहल से न सिर्फ मिट्टी की सेहत सुधरेगी बल्कि किसानों की आय में भी सुधार होने की संभावना है।
किसानों के लिए सरकार की नई पहल और भविष्य की दिशा
इस किसान चौपाल में देसी गायों के संरक्षण, दुग्ध मूल्य और उन्नत तकनीकों पर भी चर्चा हुई। वैज्ञानिकों ने किसानों को सस्ती तकनीक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार देसी गाय के दूध के बेहतर बाजार मूल्य सुनिश्चित करने और प्राकृतिक खेती में गोमूत्र व गोबर के उपयोग पर विशेष ध्यान दे रही है।
यह आंदोलन किसानों की आर्थिक समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए सहायक सिद्ध होगा।



