सतना जिले में देवी विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ जब ट्रैक्टर-ट्रॉली 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन की चपेट में आ गई। इस दुर्घटना में आठ बच्चे करंट लगने से घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर है।
दुर्घटना का समय और स्थान
यह हादसा 22 अक्टूबर 2026 को गुरुवार शाम को नवरात्र समापन के अवसर पर कोठी थाना क्षेत्र के पतेरिया गांव के पास हुआ। मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन कर लौट रही ट्रैक्टर-ट्रॉली बिजली लाइन के संपर्क में आई।
घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और घायल बच्चों को तत्काल कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

बिजली लाइन की चपेट में आने का कारण
जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट (11 केवी) की बिजली लाइन की चपेट में आ गई। बिजली के तार टूटने या ट्रॉली के संपर्क में आने से करंट फैला। यह हादसा बिजली लाइनों की ऊंचाई और सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन गया है।
इस दुर्घटना ने क्षेत्र में बिजली सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जरूरत को भी उजागर किया है।
पीड़ितों की पृष्ठभूमि और संख्या
ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार आठ बच्चे करंट से झुलस गए। ये बच्चे कोठी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 14 और 15 के निवासी हैं। विसर्जन समारोह में शामिल होकर वे श्रद्धालु परिवार के साथ लौट रहे थे।
दो बच्चियों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर उपचार के लिए सतना जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

चिकित्सा उपचार और हालात
घटना के बाद सभी घायलों को कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। गंभीर स्थिति वाली दो बच्चियों को सतना जिला अस्पताल भेजा गया।
अन्य बच्चों का इलाज वहीं जारी है। प्रशासन ने घायल बच्चों के परिजनों से संपर्क किया है और मदद का आश्वासन दिया है।
इस दुर्घटना का स्थानीय और सामाजिक प्रभाव
यह दुर्घटना न केवल प्रभावित परिवारों के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए चिंता का विषय है। आम जनता में बिजली सुरक्षा और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे वाहनों के लिए सुरक्षित मार्ग की मांग बढ़ गई है।
धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों को सख्ती से लागू करने की जरूरत महसूस हो रही है।
आगे की कार्रवाई और सुरक्षा उपाय
पुलिस और प्रशासन दोनों इस घटना की जांच कर रहे हैं। बिजली विभाग को भी बिजली लाइनों की ऊंचाई और सुरक्षा व्यवस्था पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया गया है।
भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े नियम और जागरूकता अभियान की योजना बनाई जा रही है। इससे आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी।



