मध्य प्रदेश के ओरछा में बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक संपन्न हुई। दरअसल निवाड़ी जिले के इस ऐतिहासिक नगर में 14 साल बाद यह महामंथन आयोजित हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में 2028 के विधानसभा चुनाव का रोडमैप तैयार किया गया।
ओरछा में बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में जुटे दिग्गज
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मौजूद रहे। इसके अलावा प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी शामिल हुए।
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वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी बैठक में पहुंचे। इस दौरान 300 से अधिक पार्टी पदाधिकारियों ने संगठनात्मक विषयों पर गहन मंथन किया।

बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति में संगठन विस्तार और बूथ सशक्तीकरण पर जोर
दरअसल बैठक का मुख्य एजेंडा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना रहा। इसके लिए पार्टी पदाधिकारियों को बूथ सशक्तीकरण की नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
इसके अलावा आगामी संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। नेताओं ने 2028 के आगामी चुनावों के लिए अभी से जुटने का आह्वान किया।
जेन-जी और युवाओं को जोड़ने की बनी विशेष रणनीति
गौरतलब है कि कार्यसमिति में युवा वर्ग पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इसलिए जेन-जी (Gen-Z) और युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया जाएगा।
- बूथ स्तर पर सक्रिय युवाओं की पहचान की जाएगी।
- सोशल मीडिया के जरिए पार्टी विचारधारा का विस्तार होगा।
- जनकल्याणकारी नीतियों को नए मतदाताओं तक पहुंचाया जाएगा।

राजनीतिक प्रस्ताव में केन-बेतवा लिंक परियोजना पर चर्चा
इस बीच कार्यसमिति के पहले दिन बुंदेलखंड के विकास को लेकर राजनीतिक प्रस्ताव पारित हुआ। दरअसल इस प्रस्ताव में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के महत्व को रेखांकित किया गया।
वहीं परियोजना का विरोध करने पर विपक्षी दल कांग्रेस की कड़ी आलोचना की गई। नेताओं ने कहा कि यह परियोजना पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर बदल देगी।
‘विकसित भारत 2047’ के तहत तीन महीने का बना रोडमैप
बहरहाल बैठक में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। इसके तहत किसान कल्याण, जनजातीय उत्थान और महिला सशक्तिकरण की योजनाओं को गति दी जाएगी।
इसके बाद आगामी 3 महीनों के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तय की गई। कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संपर्क साधेंगे।
मुख्यमंत्री ने की श्री रामराजा लोक निर्माण कार्यों की समीक्षा
फिलहाल बैठक के दूसरे दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्री रामराजा मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने वहां चल रहे श्री रामराजा लोक के विकास कार्यों की समीक्षा की।
दरअसल राज्य सरकार इस धार्मिक स्थल को एक भव्य सांस्कृतिक केंद्र बना रही है। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भारी बढ़ावा मिलेगा।



