इंदौर में लवकुश फ्लाईओवर की दूसरी भुजा को सितंबर में आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। दरअसल इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) इस बड़े प्रोजेक्ट के बचे हुए कार्यों को तेजी से निपटा रहा है। इसके बाद सुपर कॉरिडोर और उज्जैन रूट पर सफर करने वाले लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।
लवकुश फ्लाईओवर से बाणगंगा और उज्जैन मार्ग का सफर होगा आसान
इस दूसरी भुजा के शुरू होने से बाणगंगा से अरबिंदो अस्पताल और उज्जैन की ओर जाने वाले वाहनों को सीधा रास्ता मिलेगा। इसके अलावा चौराहे के सिग्नल पर वाहनों की लंबी कतारों में भी भारी कमी आएगी। नतीजतन वाहन चालकों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
👉 यह भी पढ़ें:
- अपर आयुक्त के फर्जी आदेश मामले में दो बाबू और एक पटवारी की भूमिका, कार्रवाई की तैयारी
- इंदौर: 33 साल बाद भी हुकमचंद मिल के 380 परिवारों को नहीं मिला हक का पैसा, इंतजार बरकरार
- इंदौर में सरकार पर बरसे उमंग सिंघार, बोले- छात्र हनुमान जैसे, लंका जलना तय
- एक्सपोर्ट हब योजना में शामिल हुआ इंदौर, स्थानीय उत्पादों के निर्यात को मिलेगी नई रफ्तार

175 करोड़ की लागत और थ्री-टियर इंजीनियरिंग की खासियत
गौरतलब है कि इस डबल-डेकर फ्लाईओवर प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 161 से 175 करोड़ रुपये है। लगभग 1,450 मीटर लंबे इस थ्री-टियर ढांचे में कई आधुनिक खूबियां शामिल हैं:
- ग्राउंड लेवल पर सामान्य सड़क का स्थानीय यातायात चलेगा।
- लेवल-1 पर इंदौर मेट्रो रेल की लाइन गुजरेगी।
- लेवल-2 पर जमीन से 15 से 22 मीटर की ऊंचाई पर यह मुख्य फ्लाईओवर बना है।
- चौराहे के ऊपर 65 मीटर लंबा स्पैन बिना किसी पिलर के 400-400 टन वजनी स्टील गर्डर्स पर टिका है।
लवकुश फ्लाईओवर की पहली भुजा का जुलाई में हुआ था लोकार्पण
दरअसल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 जुलाई को इसकी पहली भुजा का ट्रायल बेसिस पर लोकार्पण किया था। इसके बाद उज्जैन से मरीमाता की ओर जाने वाले वाहन बिना रुके निकलने लगे। फिलहाल पहली लेन के चालू होने से नीचे सर्विस रोड के निर्माण को भी गति मिली है।
अंतिम चरण में फिनिशिंग और सर्विस रोड का काम
फिलहाल दूसरी भुजा पर लाइट पोल लगाने और लोड टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा डामरीकरण और एप्रोच रोड की अंतिम फिनिशिंग का काम युद्धस्तर पर जारी है। इसलिए प्राधिकरण का पूरा फोकस सितंबर के अंत तक दोनों भुजाओं को पूरी तरह सक्रिय करने पर टिका है।
सिंहस्थ और बढ़ते शहरी ट्रैफिक के लिए बनेगा वरदान
बहरहाल यह नया ओवरब्रिज आगामी सिंहस्थ-2028 के दौरान इंदौर-उज्जैन मार्ग पर यातायात प्रबंधन में निर्णायक भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही एमआर-10 और सुपर कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी। नतीजतन शहर के इस व्यस्ततम चौराहे पर आवागमन बेहद सुगम और सुरक्षित बन जाएगा।



