मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एमपी पुलिस भर्ती को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस मुख्यालय ने कुल 9,662 पदों पर प्रक्रिया शुरू करने का औपचारिक प्रस्ताव कर्मचारी चयन मंडल को भेज दिया है। इसके बाद अब चयन मंडल जल्द ही विस्तृत विज्ञापन जारी करने की तैयारी में जुट गया है।
एमपी पुलिस भर्ती में शामिल प्रमुख पद और उनकी संख्या
दरअसल इस नई भर्ती प्रक्रिया में कई अलग-अलग संवर्गों के रिक्त पदों को भरा जाएगा। इनमें सबसे ज्यादा 7,500 पद आरक्षक जीडी संवर्ग के लिए रखे गए हैं।
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इसके अलावा विभाग में 1,000 पद कांस्टेबल ड्राइवर के लिए तय किए गए हैं। वहीं उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक और सूबेदार संवर्ग के पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी।
- आरक्षक (जीडी): लगभग 7,500 पद
- कांस्टेबल (ड्राइवर): 1,000 पद
- उप निरीक्षक (SI) और सहायक उप निरीक्षक (ASI) पद
- सूबेदार संवर्ग के विभिन्न पद

सितंबर में नोटिफिकेशन और 6 महीने की तय समय-सीमा
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा भर्ती का विज्ञापन सितंबर में जारी किया जा सकता है। शासन ने इस पूरी चयन प्रक्रिया को लगभग छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
इसके तहत मार्च 2027 तक सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपने की योजना बनाई गई है। नतीजतन अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा और शारीरिक परीक्षण के चरणों से गुजरना होगा।
सिंहस्थ महाकुंभ 2028 और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी
दरअसल उज्जैन में वर्ष 2028 में भव्य सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है। इस विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की आवश्यकता होगी।
इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गृह विभाग ने इन पदों को पहले ही प्रशासकीय स्वीकृति दी है। बहरहाल इस कदम से प्रदेश भर के थानों में बल की कमी को भी दूर किया जा सकेगा।

एमपी पुलिस भर्ती के चयन नियम और परीक्षा पैटर्न
अधिकारियों के अनुसार मौजूदा भर्ती नियमों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरक्षक पद के लिए लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी।
वहीं उप निरीक्षक और सूबेदार पदों के लिए लिखित परीक्षा व शारीरिक परीक्षण के साथ साक्षात्कार भी होगा। इसके अलावा अंतिम मेरिट सूची में शारीरिक दक्षता परीक्षा के अंक भी जोड़े जाएंगे।
भविष्य की योजना और पारदर्शी चयन व्यवस्था
गौरतलब है कि इस चरण के पूरा होने के बाद विभाग अगले वर्ष करीब 8,000 अन्य पदों पर भी नई भर्ती शुरू करेगा। सरकार भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अलग से पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने पर भी विचार कर रही है।
इसके अलावा फर्जीवाड़ा रोकने के लिए पहचान सत्यापन और बायोमेट्रिक जांच के बेहद पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। इससे योग्य और मेहनती युवाओं को बिना किसी रुकावट के पुलिस सेवा में आने का अवसर मिलेगा।



