मध्य प्रदेश में कमजोर मानसून ने फिर से जोर पकड़ लिया है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग ने राजगढ़, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, अशोकनगर और भिंड समेत 7 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
कमजोर मानसून के कारण मौसम प्रणाली की स्थिति
उत्तर-पूर्व उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने से मानसून ट्रफ के प्रभाव ने फिर से प्रदेश भर में मानसूनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। इससे पहले, कमजोर मानसून के कारण बारिश की गतिविधियां धीमी पड़ गई थीं।
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दतिया में रेड अलर्ट जारी
दतिया जिले में अत्यधिक भारी बारिश और अचानक बाढ़ के जोखिम को देखते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
अन्य जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
बालाघाट, नर्मदापुरम और सीधी जैसे जिलों में भारी से अति भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि अन्य जिलों में मध्यम बारिश की संभावना है।
बारिश के आंकड़े और प्रभाव
हालिया दौर में पिछोर में 110 मिमी, नर्मदापुरम में 92.8 मिमी तथा मंदसौर में 90 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बारिश का प्रभाव कई जिलों में देखा जा सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है।
तेज हवाओं का असर
ग्वालियर और आगर में 41 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। उज्जैन और उमरिया में भी 37 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की खबर है।
प्रशासनिक सतर्कता
मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों और नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।



