गंगाजल विवाद ने एक बार फिर भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस की दलित विरोधी मानसिकता पर तीखा प्रहार किया।
राहुल गांधी का भाजपा पर आरोप
राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंगाजल विवाद के माध्यम से भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंच का शुद्धिकरण दलितों के खिलाफ भेदभाव का प्रतीक है।
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इसके अलावा, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

हल्द्वानी में शुद्धिकरण विवाद
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण करने का मामला सामने आया। राहुल गांधी ने इस पर नाराजगी जताते हुए इसे कानून का उल्लंघन बताया।
राहुल गांधी ने कहा कि यह घटना संविधान के मूल्यों के खिलाफ है और इस प्रकार की मानसिकता देश के लिए खतरनाक है।
राजस्थान के अलवर की घटना
राहुल गांधी ने राजस्थान के अलवर में एक पुराने मामले का हवाला देते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दलित नेता टीकाराम जूली की मंदिर यात्रा के बाद भी ऐसा ही शुद्धिकरण किया गया था।
इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह दलितों के प्रति पूर्वाग्रह को दर्शाता है।

जीतन राम मांझी का मामला
राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के साथ हुई एक घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मांझी की मंदिर यात्रा के बाद वहां भी शुद्धिकरण किया गया था।
राहुल ने इसे दलितों के खिलाफ एक साजिश बताया और कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है।
संविधान बनाम मनुस्मृति
प्रेस वार्ता में राहुल गांधी ने संविधान और मनुस्मृति के बीच वैचारिक टकराव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस की सोच दलित विरोधी है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में समानता की लड़ाई जारी है और इसे समाप्त नहीं होने देंगे।
आम आदमी पर असर
इस विवाद का आम आदमी पर गहरा असर पड़ सकता है। सामाजिक तानाबाना प्रभावित हो सकता है और दलितों के खिलाफ भेदभाव बढ़ सकता है।
फिलहाल, यह देखना होगा कि इस मुद्दे पर सरकार क्या कदम उठाती है।



