मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना के नए फॉर्म भरने को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी संदेश तेजी से वायरल हो रहे हैं। दरअसल इंदौर सहित कई जिलों में साइबर ठग महिलाओं को गुमराह कर रहे हैं। इसलिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने तुरंत अलर्ट जारी किया है।
सोशल मीडिया पर लाड़ली बहना योजना के नए फॉर्म का झूठा दावा
दरअसल व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। इन फर्जी संदेशों में दावा है कि तीसरे चरण के आवेदन शुरू हो चुके हैं। इसके अलावा पंचायत और तहसील स्तर पर 31 अगस्त तक विशेष शिविर लगाने की झूठी बात कही जा रही है।
👉 यह भी पढ़ें:
- ‘नेता आया है या तुम्हारा बाप…’ CM जनसंवाद में अधिकारियों पर भड़कीं रीना मीणा
- इंदौर में दूध की सप्लाई बंद करने की चेतावनी, खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग पर अड़े किसान
- MP: बालाघाट में CM मोहन यादव का ऐलान, बीमारी से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की मदद
- मध्य प्रदेश में दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले
- MP में कमजोर मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 7 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
- मप्र: 80 हजार मेधावी छात्रों को लैपटॉप के लिए मिलेगी राशि
हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि वर्तमान में कोई नया पंजीयन नहीं हो रहा है। इसके बाद भी असामाजिक तत्व महिलाओं को लगातार गुमराह करने में जुटे हैं।

महिलाओं से 1500 रुपये तक की अवैध वसूली का खेल
गौरतलब है कि ठग महिलाओं से फॉर्म भरने के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। वे योजना में नया नाम जुड़वाने के लिए 1,350 से 1,500 रुपये तक मांग रहे हैं। नतीजतन कई ग्रामीण महिलाएं इनके बहकावे में आकर पैसे गंवा रही हैं।
इसके अलावा आवेदन अपडेट करने का झांसा देकर भी अतिरिक्त रकम ऐंठी जा रही है। इसलिए पुलिस और प्रशासन ने ऐसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।
किस्त 3000 रुपये करने का दिया जा रहा झांसा
दरअसल जालसाज महिलाओं को मासिक किस्त दोगुनी करवाने का लालच दे रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि उनकी मदद से हर महीने 1,500 रुपये की जगह 3,000 रुपये मिलेंगे।
हालांकि सरकार की तरफ से ऐसा कोई नया नियम लागू नहीं किया गया है। इसलिए विभागीय अधिकारियों ने महिलाओं से इन झूठे दावों पर कतई भरोसा न करने को कहा है।

पुराने डेटा और क्यूआर कोड से हो रहा डिजिटल फ्रॉड
इस बीच ठग महिलाओं का विश्वास जीतने के लिए उनके पुराने फॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे महिलाओं को उनके फोटो, नाम और मोबाइल नंबर वाले दस्तावेज भेजते हैं। इसके बाद वे ऑनलाइन भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजते हैं।
ठगी के इस तरीके में महिलाएं आसानी से विश्वास कर लेती हैं। निम्नलिखित सावधानियों का पालन करके इस धोखाधड़ी से सुरक्षित रहा जा सकता है:
- किसी भी अनजान व्यक्ति को कोई ऑनलाइन शुल्क न भेजें।
- संदिग्ध व्हाट्सएप संदेशों पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
- बैंक खाते और आधार से जुड़ी जानकारी किसी अनजान से न बांटें।
- योजना से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक केंद्रों से प्राप्त करें।
लाड़ली बहना योजना के नए फॉर्म पर प्रशासन ने दी यह चेतावनी
इंदौर जिला प्रशासन ने आम जनता के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत सभी महिलाओं को साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
वहीं प्रशासन ने कहा है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। अगर कोई व्यक्ति पैसे मांगता है तो तुरंत स्थानीय पुलिस या संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।
पूरी तरह निशुल्क है आधिकारिक आवेदन की प्रक्रिया
गौरतलब है कि शासन स्तर से संचालित यह योजना पूरी तरह निशुल्क है। जब भी सरकार नए आवेदन की घोषणा करेगी, तब सरकारी पोर्टल और शिविरों में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
फिलहाल शासन ने किसी भी तीसरे चरण के पंजीयन की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की है। इसलिए नागरिक किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आएं और सतर्कता बरतें।



