केंद्र सरकार की एक्सपोर्ट हब योजना के तहत मध्य प्रदेश के इंदौर जिले को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम को भी इस सूची में शामिल किया गया है। दरअसल इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है।
विदेश व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बना विशेष समन्वय ढांचा
गौरतलब है कि यह कार्यक्रम विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग और एमपीआईडीसी के संयुक्त समन्वय से संचालित हो रहा है।
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इसके तहत प्रत्येक चिन्हित जिले में नोडल अधिकारियों की समर्पित टीम तैनात की जाएगी। यह टीम स्थानीय उद्यमियों को विदेशी व्यापार के नियम और मानक समझाने में मार्गदर्शन देगी। नतीजतन छोटे उद्यमियों का समय और संसाधन दोनों बचेंगे।

एक्सपोर्ट हब योजना से इंदौर के इन उत्पादों को मिलेगा नया बाजार
दरअसल इंदौर जिले से विदेशी बाजारों में भेजे जाने वाले कई महत्वपूर्ण उत्पादों को प्राथमिकता दी गई है। इसमें औद्योगिक निर्माण के साथ कृषि उत्पाद भी शामिल हैं।
योजना के अंतर्गत प्राथमिकता पाने वाले मुख्य उत्पाद इस प्रकार हैं:
- फार्मास्यूटिकल्स और आवश्यक दवाइयां
- इंजीनियरिंग गुड्स और ऑटो कंपोनेंट्स
- प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद (प्रोसेस्ड फूड)
- मालवा क्षेत्र का प्रसिद्ध प्याज और उच्च गुणवत्ता वाला सोयाबीन
इसके अलावा गुणवत्ता परीक्षण, अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन और उन्नत पैकेजिंग में भी कारोबारियों को पूरी तकनीकी सहायता दी जाएगी।
मध्य प्रदेश के कुल निर्यात में इंदौर की मजबूत हिस्सेदारी
पिछले वित्तीय वर्ष में मध्य प्रदेश से लगभग ₹68,500 करोड़ का कुल निर्यात हुआ था। वहीं राज्य के कुल निर्यात में धार जिला 35.92 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर रहा।
इसके बाद इंदौर ने 12.45 प्रतिशत और रायसेन ने 11.21 प्रतिशत की महत्वपूर्ण भागीदारी दर्ज की। हालांकि शीर्ष 10 जिलों का योगदान कुल 88 प्रतिशत रहा। इसलिए बाकी जिलों में भी निर्यात क्षमता बढ़ाने की तैयारी चल रही है।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने तैयार किया प्रशासनिक रोडमैप
इस बीच इंदौर के जिलाधिकारी शिवम वर्मा की अध्यक्षता में जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति (DEPC) की महत्वपूर्ण बैठक हुई।
बैठक में स्थानीय उद्यमियों को नीतिगत और प्रक्रियात्मक स्तर पर हरसंभव मदद देने का खाका तैयार हुआ। इसके लिए निवेश प्रोत्साहन केंद्र के माध्यम से जरूरी एक्सपोर्ट डॉक्यूमेंटेशन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। लिहाजा नए उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार की राह सुगम बनेगी।
एक्सपोर्ट हब योजना के तहत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का होगा विस्तार
इंदौर और पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम तेज हो गया है। इसके तहत ₹1,110 करोड़ की लागत से आधुनिक मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) बनाया जा रहा है।
वहीं माचल में ₹600 करोड़ से अधिक की लागत से नया लॉजिस्टिक्स हब तैयार हो रहा है। नतीजतन माल ढुलाई का खर्च घटेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में इंदौर की स्थिति और मजबूत होगी।



