इंदौर। यशवंत क्लब में प्रस्तावित निर्माण कार्य के टेंडर को लेकर प्रबंधन समिति के कुछ सदस्यों ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। 7 अक्टूबर 2026 को क्लब के चेयरमैन, सचिव और कंस्ट्रक्शन कमेटी को भेजे पत्र में सदस्यों ने कहा है कि निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर पर्याप्त चर्चा और प्रस्तुति के बिना टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसका जवाब देते हुए यशवंत क्लब के अध्यक्ष और सचिव ने इन आपत्तियों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि तेजवीर जुनेजा, राजेश तलवार, गुनीत सिंह चड्ढा, वैभव दुआ और विकास थम्मन (बॉबी) ने यशवंत क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र जैन, सचिव विजय कस्तूरी और निर्माण समिति को यह पत्र लिखा है। पत्र के मुताबिक, संबंधित समिति के सदस्यों द्वारा पिछले करीब तीन महीनों से प्रस्तावित डेवलपमेंट/मास्टर प्लान, कार्य का दायरा, प्रोजेक्ट की जानकारी, अनुमानित लागत, समयसीमा और निर्माण रणनीति की प्रस्तुति की मांग की जा रही थी। सदस्यों का कहना है कि अब तक इस संबंध में कोई व्यापक प्रस्तुति या विस्तृत चर्चा नहीं हुई। इसके बावजूद पिछले दो-तीन दिनों में निर्माण से जुड़ी बैठकें होने और अचानक क्लब के नोटिस बोर्ड पर बड़े मूल्य का निर्माण टेंडर प्रदर्शित किए जाने पर उन्होंने चिंता जताई है।
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आपत्ति दर्ज कराने वाले हर फैसले में थे साथ
आपत्तियों का जवाब देते हुए यशवंत क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र जैन और सचिव विजय कस्तूरी ने लिखा है कि आपत्ति लेने सदस्यों ने हर फैसले पर सहमति जताई थी। पत्र में कहा गया है कि जिस EOGM में ये फैसले हुए, उसमें राजेश तलवार, गुनीत सिंह चड्ढा और तेजवीर जुनेजा भी उस में उपस्थित थे और इन्होंने भी इस प्रस्ताव को पारित करने में अपनी सहमति दी थी। वैभव दुआ भी इसमें शामिल थे। इसके बावजूद अब प्रस्ताव को ध्यानपूर्वक पढ़े बिना निर्माण समिति पर आरोप लगाए जा रहे हैं और विकास कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा करके आप सदन के निर्णय का भी अनादर कर रहे हैं।
निर्माण समिति का फैसला सबके लिए बाध्य
उल्लेखनीय है कि मीटिंग के चेयरमैन अजय बगड़िया ने प्रस्ताव रखा कि चूंकि मास्टर प्लान पूरा होने में 4-5 साल लगेंगे, इसलिए हमें विकास कार्यों की देखरेख के लिए सात सदस्यों वाली एक कंस्ट्रक्शन कमेटी बनानी चाहिए। इस कमेटी में मौजूदा चेयरमैन मंजीत सचदेवा और मानद सचिव संजय गोरानी स्थायी सदस्य होंगे, साथ ही उस कार्यकाल के चेयरमैन और मानद सचिव, दो इंजीनियर और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट भी शामिल होंगे। यह कमेटी मौजूदा मैनेजिंग कमेटी द्वारा बनाई जाएगी और कंस्ट्रक्शन कमेटी के सदस्यों के नाम नोटिस बोर्ड पर लगाए जाएंगे। यह कमेटी मास्टर प्लान पूरा होने तक प्रोजेक्ट की देखरेख करेगी और हर मामले में कंस्ट्रक्शन कमेटी का फैसला अंतिम और सभी के लिए बाध्यकारी होगा। हाउस ने सर्वसम्मति से इस पूरे प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी। इसके अलावा, यह भी मंज़ूर किया गया कि मंज़ूरशुदा मास्टर प्लान में कोई भी मैनेजिंग कमेटी बदलाव नहीं करेगी और प्रोजेक्ट की देखरेख के लिए क्लब के पेरोल पर इंजीनियर और सुपरवाइज़र नियुक्त किए जाएंगे, जिनकी सैलरी क्लब के नियमित बजट से दी जाएगी। बैठक में श्याम अग्रवाल ने कार पार्किंग के बारे में पूछा। मानद सचिव संजय गोरानी ने जवाब दिया कि हमने मौजूदा वॉलीबॉल कोर्ट एरिया में 100 कारों की पार्किंग का इंतज़ाम किया है और भविष्य में मल्टी-लेवल कार पार्किंग बनाई जा सकती है। अनुराग विजयवर्गीय और हिमांशु देव ने भी अपने विचार रखे।
सदस्यों के मन में सवाल-हो क्या रहा है?
यशवंत क्लब में हाल ही में चुनाव हुए हैं। इससे पहले के सारे निर्णयों में वर्तमान में आपत्ति जता रहे सदस्य भी शामिल रहे हैं। ऐसे में यशवंत क्लब के सदस्यों के मन में यह सवाल है कि आखिर यह सब हो क्या रहा है? आखिर कौन यह सब करा रहा है? सदस्यों का कहना है कि जिसके लिए वे सालों से लगे रहे कि मास्टर प्लान से क्लब का विकास होगा। अब उनका मन दुखी है कि विकास कार्य रोका जा रहा है।



