सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव के वकील को फटकारते हुए राजपाल यादव से बकाया रकम जल्द जमा करने को कहा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2026 तक 2 करोड़ रुपये की राशि जमा करने का अंतिम समय दिया है। राजपाल यादव के वकील को कोर्ट ने कठोर टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत ने भुगतान के लिए कई मौके दिए लेकिन अब समय सीमा का पालन अनिवार्य है।
सुप्रीम कोर्ट में राजपाल यादव के चेक बाउंस मामले की सुनवाई
चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई 5 और 7 अक्टूबर 2026 को चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने की। इस दौरान कोर्ट ने राजपाल यादव के वकील को फटकार लगाई क्योंकि पूर्व निर्धारित समय सीमा 15 सितंबर से दो सप्ताह के भीतर 2 करोड़ रुपये जमा नहीं किए गए थे। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि यदि रकम जमा नहीं हुई तो राजपाल यादव को जेल भेजा जा सकता है।
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राजपाल यादव ने कोर्ट में जमा किया 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने अदालत में 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट प्रस्तुत किया। इसके अलावा उन्होंने बताया कि उनकी पुश्तैनी संपत्ति का एक संभावित खरीदार 85 लाख रुपये सीधे शिकायतकर्ता के खाते में जमा करेगा। कोर्ट ने इस भुगतान के लिए 13 अक्टूबर तक का समय दिया। इस भुगतान के बाद ही न्यायालय उनकी याचिका पर आगे विचार करेगा।
चेक बाउंस मामले की पृष्ठभूमि और विवाद की शुरुआत
यह विवाद 2012 में रिलीज हुई फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स से लिए गए ऋण से शुरू हुआ। राजपाल यादव ने इस फिल्म के लिए करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म की असफलता के कारण ऋण की वापसी में देरी हुई और बाउंस हुए चेक के कारण मामला अदालत तक पहुंचा। दिल्ली हाई कोर्ट ने जुलाई 2026 में सात चेक बाउंस मामलों में राजपाल यादव की तीन महीने की सजा बरकरार रखी थी।

कोर्ट ने राजपाल यादव के वकील को लगाई कड़ी फटकार
सुनवाई के दौरान जस्टिस जोयमाल्या बागची ने राजपाल यादव के वकील को फटकार लगाते हुए कहा, “यह अहंकार सही जगह पर लाया जाना चाहिए। आपकी जगह जेल में है।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बार-बार समय देने का मकसद शिकायतकर्ता को उसकी रकम दिलाना है, न कि राजपाल यादव की पक्षधरता करना। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि भुगतान नहीं हुआ तो वे याचिका खारिज कर सजा दिलाने में संकोच नहीं करेंगे।
अगली सुनवाई और भुगतान की अंतिम समयसीमा
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को 13 अक्टूबर 2026 तक 2 करोड़ रुपये जमा करने के लिए अंतिम मौका दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस भुगतान के बाद ही उनकी याचिका पर आगे की सुनवाई की जाएगी। यदि राशि समय पर जमा नहीं हुई तो राजपाल यादव को जेल भेजे जाने की संभावना है। इस मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।
आम जनता के लिए इसका क्या मतलब है
इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि सुप्रीम कोर्ट आर्थिक विवादों में भी कर्जदार से कड़ी वसूली सुनिश्चित कर रही है। इससे आम लोगों को संदेश मिलता है कि बकाया भुगतान में देरी पर अदालतें सख्त रुख अपना सकती हैं। साथ ही, यह केस फिल्म इंडस्ट्री में वित्तीय अनुशासन की अहमियत को भी दर्शाता है।



