प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नशा मुक्त युवा अभियान की देशव्यापी प्रगति की सराहना की है। दरअसल उन्होंने 30 अगस्त 2026 को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को राष्ट्र निर्माण से सीधे जोड़ा।
मन की बात में नशा मुक्त युवा अभियान की जरूरत पर बल
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने इस राष्ट्रीय प्रयास को एक बड़ा जन आंदोलन बनाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य नशा-मुक्त युवा और ड्रग-फ्री इंडिया का निर्माण करना है।
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इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला है। इसलिए समाज के प्रत्येक नागरिक को इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। ऐसे सामूहिक प्रयास ही युवाओं को नशे के खतरे से दूर रख सकते हैं।

100 सप्ताह के इस राष्ट्रव्यापी अभियान की पृष्ठभूमि
दरअसल इस 100 सप्ताह के राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी अभियान की शुरुआत 2 अगस्त 2026 को हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन किया था।
इस बीच देश के 28,000 से अधिक विभिन्न स्थानों से 1 करोड़ से ज्यादा युवा सीधे जुड़े थे। नतीजतन इस विशाल जनभागीदारी ने अभियान को पहले ही दिन से राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान दिलाई। अब यह प्रयास धीरे-धीरे एक मजबूत जन आंदोलन का रूप ले रहा है।
परिवार और समाज पर नशे के गंभीर दुष्प्रभावों की चर्चा
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में नशे के सामाजिक नुकसान पर भी विस्तार से चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशे की लत केवल किसी एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करती है।
दरअसल इसका विनाशकारी प्रभाव पूरे परिवार और आसपास के समाज को भी झेलना पड़ता है। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर निरंतर मार्गदर्शन बेहद जरूरी है।

नशा मुक्त युवा अभियान में कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स की अहमियत
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने देश के कंटेंट क्रिएटर्स और कलाकारों से इस मुहिम में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उनका मानना है कि पारंपरिक सरकारी संदेशों की तुलना में रचनात्मक माध्यम युवाओं पर ज्यादा गहरा प्रभाव छोड़ते हैं।
इस दिशा में युवाओं को जागरूक करने के लिए कई रचनात्मक तरीके अपनाए जा सकते हैं:
- विभिन्न क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं में नशामुक्ति पर आधारित प्रेरक गीत और संगीत बनाना।
- स्थानीय स्तर पर युवाओं को जोड़ने के लिए प्रभावी नुक्कड़ नाटक और लघु नाटक प्रस्तुत करना।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जागरूकता फैलाने वाले आकर्षक स्लोगन और रचनात्मक वीडियो साझा करना।
बहरहाल युवा कलाकारों की यह रचनात्मक पहल समाज में नशामुक्ति के संदेश को घर-घर तक पहुंचाएगी।
विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने का आधार
वहीं प्रधानमंत्री ने दोहराया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करना देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक मंजिल तक पहुंचने के लिए देश की युवा पीढ़ी का सक्षम होना अनिवार्य है।
इसके साथ ही शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से मजबूत युवा ही देश को आगे ले जाएंगे। लिहाजा एक नशामुक्त और सशक्त युवा शक्ति ही विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर साकार करेगी।



