सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में 27 अगस्त 2026 को सोने की कीमतों में ₹800 की गिरावट दर्ज की गई। अब 99.9% शुद्धता वाले सोने का भाव ₹1,65,700 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है। सोने की कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई कारक हैं, जो अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों स्तरों पर प्रभाव डाल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है। वैश्विक बाजार में हाजिर सोना लगभग 4,585.88 डॉलर प्रति औंस पर फिसल गया है। यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित है, जिसमें मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक व्यापार में उतार-चढ़ाव शामिल हैं। डॉलर की मजबूती के कारण सोने की मांग में कमी आई है, जिससे घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बना है।
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पिछले सत्र की तुलना में गिरावट
पिछले कारोबारी सत्र में सोना ₹1,66,500 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। दो दिनों में सोने की कीमतों में कुल ₹1,400 प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। इससे पहले 25 अगस्त को सोना ₹1,67,100 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह दर्शाता है कि बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में निवेशक अपने निवेश के तरीके पर पुनर्विचार कर सकते हैं।
चांदी की कीमतों में स्थिरता
हालांकि, सोने की कीमतों में गिरावट के विपरीत, चांदी की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। चांदी का भाव ₹2,50,500 प्रति किलोग्राम पर स्थिर है। इससे निवेशकों के लिए चांदी एक स्थिर विकल्प बनी हुई है। चांदी की स्थिरता यह दर्शाती है कि धातु बाजार में विविधता है। निवेशक चांदी को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देख सकते हैं, खासकर तब जब सोने की कीमतें गिर रही हों।
कीमतों में गिरावट के कारण
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में सुधार से सोने की कीमतों पर दबाव बना है। यह स्थिति आने वाले दिनों में भी जारी रह सकती है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेतों के चलते डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में वृद्धि हुई है। इससे सोने की आकर्षण क्षमता में कमी आई है।
आम आदमी पर असर
सोने की कीमतों में गिरावट का आम आदमी पर भी असर पड़ता है। कई लोग सोने को निवेश और गहनों के रूप में खरीदते हैं। कीमतों में गिरावट से वे लोग प्रभावित हो सकते हैं, जिन्होंने ऊंची कीमत पर सोना खरीदा था। हालांकि, यह उन लोगों के लिए एक अवसर भी हो सकता है, जो सोने में निवेश करने की योजना बना रहे हैं।
आगे की संभावनाएं
सोने की कीमतों में गिरावट का दौर जारी रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की कीमतें और गिर सकती हैं। आम आदमी के लिए यह निवेश के नए अवसर भी प्रस्तुत करता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के रुझानों पर नजर रखें और अपने निवेश के फैसले सोच-समझ कर करें। बाजार की स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि अगले कुछ सप्ताह सोने की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।



