सोने की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सस्ता सोना अब चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि इसके दाम रिकॉर्ड स्तर से लगभग 10% से 11% तक नीचे आ चुके हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि क्यों गिर रहा है Gold का दाम और इसके पीछे के चार मुख्य कारण क्या हैं।
मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से सोने की कीमतों पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का सबसे पहला कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। डॉलर के मजबूत होने से सोना निवेश के लिए महंगा हो जाता है, जिससे मांग कम होती है। इसके अलावा, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर ने भी सोने पर दबाव डाला है क्योंकि निवेशक अब बॉन्ड जैसे ब्याज देने वाले एसेट्स को प्राथमिकता देने लगे हैं।

फेडरल रिजर्व की सख्त ब्याज दर नीति का असर
दूसरा महत्वपूर्ण कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति है। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च बनाए रखने का संकेत दिया है, जिससे सोना कम आकर्षक हो गया है। क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए निवेशक ऐसे समय में ब्याज वाले एसेट्स की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने की मांग घटती है।
मुनाफावसूली और गोल्ड ईटीएफ से निकासी
तीसरा कारण निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करना है। 2024 और 2025 में सोने की कीमतों में भारी तेजी के बाद अब निवेशक अपने लाभ को सुरक्षित करने के लिए बिक्री कर रहे हैं। साथ ही, गोल्ड ईटीएफ से लगातार निकासी देखने को मिल रही है, जिससे बाजार में सोने की कीमतें और नीचे आ रही हैं।
कमजोर घरेलू मांग और त्योहारी सीजन का प्रभाव
चौथा कारण भारतीय घरेलू बाजार में मांग की कमजोरी है। पितृ पक्ष जैसी अवधि में पारंपरिक रूप से सोने की मांग कम हो जाती है। इसके अलावा, रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद खरीदारों का रुझान भी कम हो गया है। इससे घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
सोने की कीमतें 1 लाख तक क्यों पहुंच सकती हैं?
बैंक ऑफ अमेरिका और एचएसबीसी जैसी वैश्विक वित्तीय संस्थाओं के विश्लेषण के अनुसार, यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है या वैश्विक केंद्रीय बैंक अपनी खरीदारी घटाते हैं, तो सोने की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। ऐसी स्थिति में सोना ₹1.10 लाख या ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर तक सस्ता हो सकता है।
आम आदमी पर सोने की कीमतों का असर
सोने की कीमतों में गिरावट आम लोगों के लिए राहत की खबर है। खासकर त्योहारी सीजन में सस्ता सोना खरीदना उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद रहेगा। हालांकि, निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है क्योंकि कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।



