विदेशी सोना तस्करी का मामला इंदौर सराफा बाजार तक पहुंच चुका है, जहां डीआरआई की जांच ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। यह मामला भारत में सोने की तस्करी के बढ़ते नेटवर्क का हिस्सा बन गया है, जो देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल रहा है।
इंदौर के सराफा कारोबारियों की गिरफ्तारी
डीआरआई ने इंदौर के सराफा बाजार से जुड़े कारोबारी पिता-पुत्र दीपक खंडेलवाल और नकुल खंडेलवाल को गिरफ्तार किया है। इन पर विदेशी सोने की तस्करी और अवैध व्यापार का आरोप है। यह गिरफ्तारी इस बात की ओर इशारा करती है कि कैसे स्थानीय व्यापारी भी इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा बन रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी से बाजार में हड़कंप मच गया है और अन्य व्यापारियों में चिंता की लहर है।
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कोटा से की गई मुख्य आरोपियों की धरपकड़
डीआरआई की टीम ने दोनों आरोपियों को राजस्थान के कोटा से पकड़ा। गिरफ्तारी के समय उन्होंने अपने मोबाइल फोन फेंककर डिजिटल साक्ष्य छुपाने की कोशिश की। यह घटना दिखाती है कि आरोपी तकनीकी साधनों का उपयोग कर जांच से बचने का प्रयास कर रहे थे। इनकी गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि विदेशी सोना तस्करी का रूट काफी विस्तृत है और कई राज्यों तक फैला हुआ है।
जब्त सोने की मात्रा और कीमत
डीआरआई ने तस्करी नेटवर्क से कुल 3 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया है। इसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹4.72 करोड़ है। इतनी बड़ी मात्रा में सोने की जब्ती यह दर्शाती है कि तस्करी का यह धंधा कितने बड़े पैमाने पर चल रहा था। यह सोना भारतीय बाजार में खपाया जा सकता था, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान होता।
तस्करी का रूट और हमला
यह सोना महाराष्ट्र के अकोला से इंदौर लाया जा रहा था। 14 अगस्त 2026 को इंदौर बायपास के पास डीआरआई टीम पर तस्करों ने हमला किया, जिसमें 2 अधिकारी घायल हो गए। इस हमले से यह स्पष्ट होता है कि तस्कर किसी भी हद तक जा सकते हैं। यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है।
पहचान छिपाने के लिए फर्जी मार्किंग
तस्करों ने सोने की पहचान छुपाने के लिए उस पर फर्जी भारतीय मार्किंग लगाई थी। इससे वे इसे स्थानीय सोना दिखाना चाहते थे। यह तरीका तस्करों द्वारा अपनाया गया एक पुराना हथकंडा है, जो उन्हें कानून की पकड़ से बचने में मदद करता है। इस तरह की मार्किंग से सोने की असलियत जांचना चुनौतीपूर्ण बन जाता है।
आगे की जांच की दिशा
डीआरआई अब इस मामले की तह तक जाने के लिए अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। यह जांच उन सभी तस्करी नेटवर्क्स का पर्दाफाश कर सकती है जो विदेशी सोना भारत में लाकर अवैध रूप से बेच रहे हैं। इससे कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है, जिससे इस अवैध धंधे पर लगाम लगाई जा सकेगी।



