इंदौर में बायपास एमआर-10 जंक्शन ब्रिज की दोनों लेन आज से चालू हो गई हैं। एमआर-10 जंक्शन पर बने इस फ्लाईओवर की दूसरी लेन बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे से वाहनों के लिए खोल दी गई है। इससे पहले फ्लाईओवर की पहली लेन 11 अगस्त 2026 को कनाड़िया से देवास की ओर जाने वाले ट्रैफिक के लिए शुरू की गई थी।
एमआर-10 जंक्शन ब्रिज की दोनों लेनों के उद्घाटन में मुख्य अतिथि
फ्लाईओवर की दूसरी लेन के उद्घाटन के दौरान इंदौर के सांसद शंकर लालवानी और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव मौजूद थे। उन्होंने इस परियोजना के पूरा होने पर संतोष जताया और बताया कि इससे क्षेत्र में यातायात की समस्या काफी हद तक कम होगी।
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एनएचएआई के इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग ₹50 करोड़ है, जिसे 2023 में शुरू किया गया था। जबकि इसे जुलाई 2024 तक पूरा करने की योजना थी, यह परियोजना लगभग दो साल की देरी के बाद अक्टूबर 2026 में पूरी तरह से चालू हुई है।

यातायात में महत्वपूर्ण राहत के संकेत
एमआर-10 जंक्शन ब्रिज की दोनों लेन चालू होने से रोजाना 50,000 से अधिक वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम में कम परेशानी होगी। इससे इंदौर-देवास बायपास और एमआर-10 क्षेत्र से गुजरने वाला ट्रैफिक बेहतर तरीके से नियंत्रित होगा।
सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि इस ब्रिज के चालू होने के बाद सर्विस रोड पर ट्रैफिक का लगभग 90% हिस्सा फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरने लगेगा। इसका सीधा असर निकटवर्ती इलाकों के ट्रैफिक दबाव में कमी के रूप में दिखेगा।
थ्री-लेयर अंडरपास का शेष कार्य और नर्मदा पाइपलाइन
फ्लाईओवर के खोलने के बाद सर्विस रोड पर वाहनों के दबाव में कमी आएगी। इससे थ्री-लेयर जंक्शन के तहत बने अंडरपास के शेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
इस अंडरपास के निचले हिस्से में नर्मदा विकास प्राधिकरण द्वारा पेयजल पाइपलाइन जोड़ने और शिफ्ट करने का काम अभी बाकी है। यह कार्य पूरा होने के बाद अंडरपास का संचालन और भी सुचारू होगा।
परियोजना के दौरान आए देरी के कारण और प्रभाव
एमआर-10 जंक्शन ब्रिज का निर्माण कार्य 2023 में शुरू हुआ था, पर इसे निर्धारित समय से लगभग दो साल विलंब से पूरा किया गया। इस देरी के कारण क्षेत्रीय ट्रैफिक समस्याओं का समाधान अपेक्षित समय पर नहीं हो पाया।
इसके बावजूद, अब ब्रिज के दोनों लेन चालू होने से ट्रैफिक में तेजी से सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। यह परियोजना इंदौर-देवास बायपास के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
आम जनता पर एमआर-10 जंक्शन ब्रिज का प्रभाव
फ्लाईओवर की दोनों लेनों के खुलने से आम वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम में कमी का फायदा मिलेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की भी बचत संभव होगी।
इसके अलावा, उपनगरीय बसें अब फ्लाईओवर के नीचे से आसानी से शहर में प्रवेश कर सकेंगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन सेवा में सुधार होगा। स्कूल बसों और अन्य वाहनों को भी ट्रैफिक की समस्या कम होने से राहत मिलेगी।



