कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर 10 हजार का इनाम घोषित किया गया है। इस मामले में उनके करीबी क्षितिज राज बारापात्रे और जमीन खरीदार मारूफ अहमद हनफी भी नामजद आरोपी हैं।
निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर आरोप
निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर धोखाधड़ी और पद के दुरुपयोग का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने कटनी के कन्हवारा गांव की जमीन को गलत तरीके से मात्र 18.20 लाख रुपये में रजिस्ट्री कराई। यह आरोप गंभीर हैं क्योंकि इसमें सरकारी पद का दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताएं शामिल हैं। नेहा पच्चीसिया की इस कार्रवाई ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह आम आदमी के विश्वास को भी हिलाने वाला है।
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धोखाधड़ी का मामला
21 अगस्त 2026 को कटनी के कुठला थाने में इस मामले के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें नेहा पच्चीसिया और उनके सहयोगियों पर आपराधिक षड्यंत्र और दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। मामला केवल जमीन की गलत बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई अन्य वित्तीय लेनदेन और कागजातों की हेराफेरी के आरोप भी शामिल हैं। यह मामला क्षेत्रीय राजनीति और स्थानीय प्रशासन की स्थिति को उजागर करता है।
जांच और कार्रवाई
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया। कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि राज्य प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों पर इस तरह के आरोप राज्य की छवि को धूमिल करते हैं, इसलिए त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।
वित्तीय लेनदेन पर संदेह
जांच में पाया गया कि जमीन रजिस्ट्री के दिन खरीदार मारूफ के खाते में केवल ₹3,036 थे। वहीं, क्षितिज राज और ‘शाइन पार्टनर्स’ के खातों से ₹15 लाख ट्रांसफर किए गए थे। यह वित्तीय असमानता संदेह को बढ़ाती है और इस मामले की गहराई से जांच की आवश्यकता को दर्शाती है। वित्तीय लेनदेन की पारदर्शिता और ईमानदारी का अभाव इस मामले को और जटिल बनाता है।

एसआईटी की जांच जारी
जबलपुर आईजी के निर्देश पर गठित 8 सदस्यीय विशेष जांच दल मामले की गहराई से जांच कर रहा है। लुकआउट नोटिस जारी कर तीनों आरोपियों के विदेश भागने पर रोक लगाई गई है। एसआईटी की भूमिका महत्वपूर्ण है क्योंकि यह टीम सभी सबूतों और गवाहों की गहन पड़ताल कर रही है। यह सुनिश्चित करना कि कोई भी आरोपी कानून से बच न सके, जांच दल की प्राथमिकता है।
आगे की सुनवाई
नेहा पच्चीसिया और उनके करीबी क्षितिज राज ने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय का रुख किया है। इस मामले में अगली सुनवाई शनिवार को तय की गई है। अदालत का निर्णय इस मामले की दिशा तय करेगा। न्यायालय की भूमिका निष्पक्षता और न्याय की स्थापना में अहम है।
समाज पर प्रभाव
इस मामले ने समाज में प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति अविश्वास को बढ़ाया है। जनता को यह महसूस होता है कि यदि अधिकारी ही भ्रष्टाचार में लिप्त हों, तो आम नागरिक किस पर भरोसा करेगा। यह घटना समाज में ईमानदारी और नैतिकता की महत्ता को और भी अधिक प्रासंगिक बनाती है।



