दमोह-कटनी 105 किमी फोरलेन हाईवे से खत्म होगी जाम की समस्या। इस फोरलेन निर्माण परियोजना से जुड़े प्रमुख पहलुओं को समझना जरूरी है। यह परियोजना मध्य प्रदेश के स्टेट हाईवे-63 के हिस्से को फोरलेन में परिवर्तित करेगी, जिससे दमोह और कटनी के बीच की दूरी पर जाम की समस्या समाप्त होगी।
दमोह-कटनी फोरलेन हाईवे की कुल लंबाई और लागत
दमोह-कटनी फोरलेन हाईवे की कुल लंबाई 105.01 किलोमीटर होगी। यह मार्ग वर्तमान में टू-लेन है, जिसे फोरलेन में बदलकर यातायात सुविधा बेहतर बनाई जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1,745.67 करोड़ रुपये है।
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भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास के लिए 344.10 करोड़ रुपये अलग से निर्धारित किए गए हैं। यह राशि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और पुनर्वास में सहायक होगी।

पर्यावरण और वन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बजट
इस फोरलेन के मार्ग में लगभग 4.7 किलोमीटर वन क्षेत्र भी शामिल है। इसलिए वन भूमि डायवर्जन और पर्यावरणीय मंजूरी के लिए 44.19 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकारी गंभीरता को दर्शाता है।
पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा, जिससे प्रकृति को न्यूनतम नुकसान पहुंचे।
हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत परियोजना का वित्तीय ढांचा
दमोह-कटनी फोरलेन हाईवे परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर आधारित है। इसके तहत निर्माण के दौरान कुल राशि का 40% भुगतान किया जाएगा। शेष 60% राशि अगले 15 वर्षों में किस्तों, ब्याज और रखरखाव के माध्यम से दी जाएगी।
इस वित्तीय व्यवस्था से सरकार पर तत्काल वित्तीय दबाव कम होगा, जबकि निर्माण कार्य समय पर पूरा होगा। कुल वित्तीय देनदारी 15 वर्षों में लगभग 4,126 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
कैबिनेट से मंजूरी और अगले कदम
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने इस फोरलेन का डीपीआर तैयार कर लिया है। प्रस्तावित फोरलेन मार्ग को मध्य प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण प्रारंभ होंगे।
मंजूरी मिलने पर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
यात्रा समय में कमी और जाम से राहत
फोरलेन बनने से दमोह और कटनी के बीच यात्रा समय में लगभग डेढ़ घंटा की कमी आएगी। इस मार्ग पर भारी वाहनों के चलते लगने वाले जाम की समस्या खत्म होगी।
साथ ही, बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्रों के बीच रोड कनेक्टिविटी मजबूत होगी। कटनी के सीमेंट और माइनिंग क्षेत्र से माल ढुलाई भी सहज हो जाएगी।
परियोजना का क्षेत्रीय विकास पर प्रभाव
दमोह-कटनी फोरलेन हाईवे बनने से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को बल मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार और उद्योगों को समर्थन मिलेगा।
सड़कों की गुणवत्ता में सुधार से आम आदमी की यात्रा आसान और सुरक्षित होगी। इसके अलावा, रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।



