रेलवे नौकरी ठगी के मामले में मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के हातोद थाना क्षेत्र में चूड़ी व्यापारी विकास को ठगों ने 18.50 लाख रुपये का चूना लगाया। इस ठगी के कारण विकास की पत्नी ने तलाक ले लिया।
रेलवे नौकरी ठगी में शामिल जालसाजों का नेटवर्क
विकास को रेलवे में टीटीई और क्लर्क की नौकरी का झांसा देकर ठगा गया। विकास की पत्नी शिवानी और उसके ताऊ माधव बागड़ी ने रेलवे अधिकारियों से जान-पहचान का दावा किया। इसके तहत विकास को मुख्य एजेंट अभिजीत साहू से मिलवाया गया, जिसने नौकरी के लिए सेटिंग का भरोसा दिया।
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फर्जी ट्रेनिंग और नियुक्ति पत्र का नाटक
ठगों ने विकास को 2 अगस्त 2022 को दिल्ली के डीआरएम कार्यालय ले जाकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। इसके बाद उसे रेलवे अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और फिर पटना और आसनसोल में फर्जी ट्रेनिंग कराई गई।
विवाद के बाद तलाक की स्थिति
जब विकास को फर्जीवाड़े का अंदेशा हुआ और उसने पैसे वापस मांगे, तो शिवानी ने उस पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करवा दिया। बाद में दिसंबर 2025 में शिवानी ने कानूनी रूप से तलाक ले लिया।
पुलिस द्वारा कार्रवाई
विवाद के बाद विकास ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर हातोद पुलिस ने शिवानी, माधव बागड़ी, अभिजीत साहू, अरविंद यादव और सुमन यादव समेत पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
आम आदमी पर असर
इस प्रकार की ठगी के मामले आम आदमी में अविश्वास पैदा करते हैं। रेलवे नौकरी की चाह रखने वालों को सतर्क रहना चाहिए और सही स्रोतों से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
आगे की संभावनाएं
इस मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयासरत है। उम्मीद है कि जल्द ही न्याय मिलेगा और इस तरह के मामलों में संलिप्त लोगों को सजा दी जाएगी।



