इंदौर-अबू धाबी उड़ान का शेड्यूल 25 अक्टूबर से बदल रहा है। यह उड़ान अब इंदौर से सुबह 8:40 बजे रवाना होगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी। यह बदलाव यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि उन्हें दिन के समय यात्रा करने का विकल्प मिल सके।
इंदौर-अबू धाबी उड़ान का संचालन
इंदौर से अबू धाबी के लिए सीधी उड़ान सेवा एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा संचालित की जा रही है। यह सेवा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 15 जुलाई 2026 को शुरू की गई थी। इस उड़ान का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सीधा और सुविधाजनक विकल्प प्रदान करना है। इंदौर, जो एक प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक केंद्र है, के लिए यह उड़ान एक बड़ी उपलब्धि है।
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उड़ान का नया शेड्यूल
25 अक्टूबर से, इंदौर-अबू धाबी उड़ान का शेड्यूल सुबह 8:40 बजे कर दिया गया है। पहले यह फ्लाइट रात के समय संचालित होती थी। इस परिवर्तन का उद्देश्य यात्रियों को दिन के समय यात्रा करने की सुविधा देना है। दिन में यात्रा करने से यात्रियों को अबू धाबी पहुंचने के बाद अपने काम या यात्रा की गतिविधियों के लिए अधिक समय मिलेगा।
यात्रा समय में बदलाव
इस सीधी उड़ान के माध्यम से इंदौर से अबू धाबी की यात्रा मात्र 3 घंटे 15 मिनट में पूरी होती है। इससे पहले, यात्रियों को कनेक्टिंग उड़ानों का सहारा लेना पड़ता था, जिससे यात्रा का समय 7 से 8 घंटे तक हो जाता था। यह समय की बचत यात्रियों के लिए एक बड़ा लाभ है, विशेष रूप से व्यापारिक यात्रियों के लिए।
राज्य नीति और सब्सिडी
यह उड़ान मध्य प्रदेश की नागरिक उड्डयन नीति 2025 के तहत वित्तपोषित है। राज्य सरकार प्रति राउंड ट्रिप ₹15 लाख की वायबिलिटी गैप फंडिंग प्रदान कर रही है। इस वित्तपोषण का उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना और हवाई यात्रा को अधिक सुलभ बनाना है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
किराया संरचना में बदलाव
सरकारी सब्सिडी के चलते टिकट का किराया घटाकर ₹12,000 से ₹15,000 के दायरे में लाया गया है। पहले यह किराया ₹24,000-₹25,000 के आसपास था। किराए में यह कमी हवाई यात्रा को अधिक किफायती बनाती है। यह उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से लाभदायक है जो नियमित रूप से यात्रा करते हैं।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का लाभ
यह सीधी उड़ान मालवा-निमाड़ क्षेत्र के व्यापारियों, कामगारों और पर्यटकों को अबू धाबी की यात्रा के लिए दिल्ली या मुंबई की यात्रा के बिना ही सुविधा प्रदान करती है। इससे उन्हें समय और पैसे की बचत होती है। यह उड़ान क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देती है, क्योंकि इससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।



