Air India की अबू धाबी फ्लाइट इंजन में खराबी के चलते कोच्चि लौटी। यह घटना उस समय हुई जब फ्लाइट लगभग 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी।
पायलट की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
दरअसल, उड़ान के दौरान पायलट और को-पायलट ने देखा कि इंजन 1 का तेल प्रेशर तेजी से कम हो रहा है। इसके बाद उन्होंने तुरंत एक इंजन को बंद कर दिया।
👉 यह भी पढ़ें:
- Air India में सभी पायलटों की होगी ड्रग जांच, गांजे का मामला उजागर होने के बाद फैसला
- गांजा पीकर उड़ा रहा था एयर इंडिया का विमान, पायलट का दूसरा डोप टेस्ट भी फेल
- विमान में टर्बुलेंस के बाद पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव, 300 फीट नीचे आया था Air India का विमान; अब सरकार ने दिए जांच के आदेश
- Air India फ्लाइट टर्बुलेंस के मामले में एक्शन, डीजीसीए ने दोनों पायलट को रोस्टर से हटाया
- Air India: फुकेत से दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के विमान में टर्बुलेंस, कई यात्री और चालक दल के सदस्यों को लगी चोट
- Ahmedabad Airport Incident: टला बड़ा विमान हादसा! Air India और IndiGo के विमान आमने-सामने आए, आखिरी वक्त पर बची टक्कर
इसके बाद, उन्होंने तय किया कि विमान को कोच्चि में वापस लाया जाए। यह निर्णय फ्लाइट सेफ्टी को प्राथमिकता देते हुए लिया गया।
तकनीकी जाँच में जुटी टीम
कोच्चि एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग के बाद विमान की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। एयर इंडिया की तकनीकी टीम इस मसले की गहराई से पड़ताल कर रही है।
गौरतलब है कि टेक-ऑफ के 50 मिनट बाद ही यह समस्या सामने आई थी, जिससे यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
यात्रियों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
इस घटना के बाद एयर इंडिया ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। सभी यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से अबू धाबी भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
इसके अलावा, एयरलाइन ने इस मामले में यात्रियों को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
समस्याओं का कारण अज्ञात
फिलहाल, विमान में आयी तेल प्रेशर की समस्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। तकनीकी टीम इसकी जांच में जुटी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
वहीं, एयर इंडिया ने इस घटना को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
एयरलाइंस की विश्वसनीयता पर असर
एयर इंडिया की इस घटना के बाद यात्रियों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि, एयरलाइन की सतर्कता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की जा रही है।
इस प्रकार की घटनाएं एयरलाइंस की विश्वसनीयता पर असर डाल सकती हैं, इसलिए सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।



