उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए रेलवे ने विशेष तैयारियां की हैं, जिसमें एआई कैमरों से सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने इंदौर और उज्जैन का दौरा कर इन तैयारियों की समीक्षा की।
उज्जैन स्टेशन पर एआई कैमरों का विस्तार
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर पहले से मौजूद 102 एआई-इनेबल्ड कैमरों के अलावा 200 अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे। इससे कुल कैमरों की संख्या 300 से अधिक हो जाएगी। इन कैमरों से चेहरे की पहचान और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत ट्रैकिंग संभव होगी।
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विशेष ट्रेनों का संचालन
सिंहस्थ के दौरान 125 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह निर्णय लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे यातायात सुगम हो सके।
प्लेटफॉर्म और यार्ड का विकास
उज्जैन स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य पूरा हो चुका है। अब सभी 8 प्लेटफॉर्मों से लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन संभव है। इसके अलावा दो नए फुट ओवरब्रिज का निर्माण अक्टूबर-नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
आसपास के स्टेशनों का उन्नयन
मुख्य स्टेशन पर दबाव कम करने के लिए विक्रम नगर, चिंतामण, पंवासा, नईखेड़ी और मोहनपुरा जैसे उप-स्टेशनों को भी विकसित किया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय यातायात को संतुलित किया जा सकेगा।
रेल लाइनों का दोहरीकरण
इंदौर-उज्जैन, इंदौर-मनमाड़ और इंदौर-खंडवा रेल लाइनों का दोहरीकरण किया जा रहा है। यह दबाव को संभालने के लिए महत्वपूर्ण कदम है, जिससे ट्रेनों की गति और क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
आगे की योजनाएं
रेलवे चेयरमैन ने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियों के लिए अब करीब 11 से 12 माह का समय है। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सभी परियोजनाएं समय पर पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।



