रीवा में स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिग्विजय सिंह का धरना चर्चा का विषय बन गया है। इस धरने में उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल को दोषी ठहराते हुए इस्तीफे की मांग की है।
कल्पना मिश्रा की दुखद मृत्यु
रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत से आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि चिकित्सीय लापरवाही के कारण यह दुखद घटना घटी।
इस घटना के बाद से मृतका के पिता रामशिरोमणि मिश्रा न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप
दिग्विजय सिंह ने अपने भाषण में रीवा के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मंत्री का गृह जिला होते हुए भी स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं।
सिंह ने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश में चिकित्सा लापरवाही और नर्सिंग भर्ती में विसंगतियां हैं।
पिता का आमरण अनशन
कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने सिरमौर चौराहे पर अनशन शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि दोषियों पर एफआईआर दर्ज हो और न्याय मिले।
अस्पताल के दो डॉक्टर और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है, लेकिन परिजनों का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है।

स्थानीय नेतृत्व का समर्थन
धरने में सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा, रीवा नगर निगम महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा भी शामिल रहे।
इन नेताओं का कहना है कि जब तक कल्पना मिश्रा को न्याय नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई
इस मामले में प्रशासन ने संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह डॉ. प्रियंक शर्मा को अस्थाई प्रभार सौंपा गया है।
मृतका के परिजनों का कहना है कि दोषियों पर हत्या की एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
आगे की संभावनाएं
इस घटना के बाद सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेंगे।



