नई दिल्ली। फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया फ्लाइट में टर्बुलेंस मामले में डीजीसीए ने दोनों पायलटों पर एक्शन लिया है। दोनों पायलटों को रोस्टर से हटा दिया गया है। दोनों का नशीले प्रदार्थ से जुड़ा स्क्रीनिंग टेस्ट किया गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय का बयान सामने आया है। मंत्रालय ने इसे एक गंभीर मामले के रूप में देखा है और उचित जांच की बात कही है। अभी के लिए घटना के बाद नियमों के तहत दोनों पायलटों का साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग टेस्ट किया गया। कैप्टन के टेस्ट में ऐसा रिजल्ट आया, जिसके लिए दोबारा पुष्टि करने वाला टेस्ट जरूरी है। कैप्टन का सैंपल अधिकृत लैब भेज दिया गया है। मंत्रालय ने साफ किया है कि यह टेस्ट हर ऐसी घटना के बाद होने वाली सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। रिपोर्ट आने तक यह नहीं कहा जा सकता कि नतीजा क्या होगा, लेकिन डीजीसीए ने दोनों पायलटों को रोस्टर से हटा दिया है यानी वे अब कोई उड़ान नहीं भरेंगे। जांच के रिजल्ट और लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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4 अगस्त को हुई थी घटना
उल्लेखनी है कि 4 अगस्त को फुकेट से आ रही फ्लाइट में 134 यात्री सवार थे. एयरलाइन की सूत्रों का कहना था कि फुकेट दिल्ली फ्लाइट AI-2379 जब दिल्ली उतरने वाली थी। उसी दौरान अचानक क्लियर एयर टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। क्लियर एयर टर्बुलेंस ऐसा झटका होता है, जो साफ आसमान में अचानक लगता है। इसमें बारिश, बादल, या तूफान नहीं। इसलिए पायलट के लिए भी पहले इसका पता लगाना मुश्किल होता है। विमान कुछ समय के लिए अचानक से नीचे की ओर आने लगा था। हालांकि, बाद में कंट्रोल हासिल किया गया। इसमें 12 यात्री और क्रू सदस्य घायल होने की सूचना सामने आई थी।
डीजीसीए कर रहा पूरी जांच
डीजीसीए पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच में यह देखा जा रहा है कि पायलटों ने टर्बुलेंस की स्थिति को सही तरीके से संभाला या नहीं? यह भी जांच हो रही है कि टर्बुलेंस मौसम की वजह से हुआ या किसी अन्य कारण से.विमान को अचानक नीचे आने से कोई तकनीकी नुकसान, जैसे हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी, तो नहीं हुई। यह भी देखा जा रहा है कि घटना के बाद विमान को दिल्ली तक ले जाना सही फैसला था या उसे वाराणसी या लखनऊ जैसे नजदीकी एअरपोर्ट पर उतारना चाहिए था।



