उज्जैन में वैष्णोदेवी थीम पर सजाए गए गणेश पंडाल में भीषण आग लगने की घटना ने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया। इस अग्निकांड में 11 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा जलकर खंडित हो गई।
उज्जैन के संतराम सिंधी कॉलोनी में गणेश पंडाल में आग लगी
23 सितंबर 2026 की शाम को उज्जैन के नीलगंगा थाना क्षेत्र स्थित संतराम सिंधी कॉलोनी में वैष्णोदेवी थीम पर बने गणेश पंडाल में अचानक आग भड़क उठी। आग के कारण पंडाल में रखा सारा सजावटी सामान और मुख्य गणेश प्रतिमा जलकर खाक हो गया।
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इस आग की घटना ने वहां मौजूद भक्तों और स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया।
श्री सम्राट नवयुवक मित्र मंडल की थीम और प्रतिमा का विवरण
इस वर्ष आयोजित गणेश पंडाल की थीम जम्मू की मां वैष्णोदेवी के दरबार पर आधारित थी। पंडाल में 11 फीट ऊंची भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा के साथ उनकी बहन अशोक सुंदरी की प्रतिमा भी स्थापित की गई थी।
श्री सम्राट नवयुवक मित्र मंडल ने इस पंडाल को बहुत ही आकर्षक और भव्य रूप से सजाया था, जो स्थानीय लोगों में काफी लोकप्रिय था।
आग लगने का कारण और फायर ब्रिगेड की कार्रवाई
पुलिस और दमकल विभाग की प्रारंभिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
फायर ब्रिगेड कर्मियों ने कई घंटों की कोशिश के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पंडाल का अधिकांश हिस्सा जलकर नष्ट हो चुका था।
आग लगने से हुए नुकसान का असर
इस अग्निकांड से 11 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा पूरी तरह से खंडित हो गई है। इसके अलावा पंडाल में इस्तेमाल किए गए सजावटी सामान और थीम के अन्य तत्व भी जलकर नष्ट हो गए।
स्थानीय भक्तों और आयोजकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, क्योंकि यह पंडाल काफी मेहनत और खर्च से तैयार किया गया था।
उज्जैन में गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा के महत्व पर पुनर्विचार
यह घटना उज्जैन में गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर करती है। शॉर्ट सर्किट जैसी तकनीकी त्रुटियों से बचाव के लिए पंडाल में उचित विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों का होना बेहद जरूरी है।
आगे चलकर आयोजकों को सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करना होगा ताकि ऐसे हादसे न हों।
आग लगने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका
आग लगने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्र को सुरक्षित कराया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और फायर विभाग के साथ मिलकर कारणों का पता लगाया जा रहा है।
आग लगने की घटना से जुड़े दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की संभावना है।



