प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष भी जवानों के साथ दिवाली मनाने की अपनी परंपरा को जारी रखते हुए सभी देशवासियों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो संदेश साझा कर अपने इस संदेश में कहा कि दिवाली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और यह पूरे देश में उजाला फैलाता है।
प्रधानमंत्री मोदी की जवानों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 से हर साल दिवाली के अवसर पर देश के जवानों के साथ त्योहार मनाने की परंपरा शुरू की है। उन्होंने पहली बार यह दिवाली लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर में तैनात सैनिकों के साथ मनाई थी। इसके बाद हर वर्ष वे सीमावर्ती इलाकों में तैनात जवानों के बीच जाकर दिवाली की खुशियां बांटते रहे हैं। यह परंपरा देश के वीर जवानों के प्रति उनके सम्मान और समर्पण का प्रतीक है।
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पिछली बार की दिवाली और 2025 के लिए योजना
31 अक्टूबर 2024 को पीएम मोदी ने गुजरात के कच्छ जिले के लक्की नाला (सर क्रीक) क्षेत्र में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, थलसेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों के साथ दिवाली मनाई थी। वहीं, वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री ने भारत के स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ दिवाली मनाने का निर्णय लिया है। यह चुनाव भारतीय नौसेना की ताकत और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।
दिवाली का त्योहार और जवानों के प्रति प्रधानमंत्री का समर्पण
प्रधानमंत्री मोदी हर साल दिवाली का दिन अपने आधिकारिक आवास पर बिताने के बजाय उन क्षेत्रों में तैनात जवानों के साथ बिताते हैं, जहां देश की सुरक्षा के लिए वे दिन-रात काम कर रहे होते हैं। यह कदम जवानों के मनोबल को बढ़ाता है और उन्हें यह महसूस कराता है कि देश की सबसे बड़ी जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। साथ ही यह परंपरा आम जनता को भी देशभक्ति की भावना से जोड़ती है।
पीएम मोदी का दिवाली संदेश और देशवासियों के लिए शुभकामनाएं
अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दीपावली का यह पावन पर्व देश में उजियाला फैलाता है और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने सभी देशवासियों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि देश के जवानों के बीच जाकर दिवाली मनाना उनका नित्य कर्म है और इस वर्ष भी वह इस परंपरा को निभाएंगे।
धनतेरस से शुरू हुआ दिवाली पर्व का उत्सव
इस वर्ष दिवाली पर्व की शुरुआत 6 नवंबर को धनतेरस से हुई, जिसके बाद 7 नवंबर को छोटी दिवाली मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने धनतेरस के अवसर पर भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और भगवान धन्वंतरि को नमन करते हुए सभी के उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। इस प्रकार दिवाली का यह पांच दिवसीय उत्सव पूरे देश में उल्लास और उमंग के साथ मनाया जा रहा है।
सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाने का सामाजिक प्रभाव
प्रधानमंत्री मोदी की जवानों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा से यह संदेश जाता है कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों को समाज का सम्मान और समर्थन मिलता है। यह कदम न केवल जवानों को प्रोत्साहित करता है, बल्कि आम जनता में भी देशभक्ति की भावना को जागृत करता है। इससे सीमावर्ती इलाकों में तैनात सैनिकों के मनोबल में वृद्धि होती है और वे अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक सजग रहते हैं।




