शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों के जवाब में कहा कि राहुल गांधी ने युवाओं में जोश और उत्साह जगाया है। यह बयान 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ‘NDTV वर्ल्ड समिट’ में तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दिया।
पीएम मोदी के तंज का शशि थरूर ने किया जवाब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अक्टूबर 2026 को इसी समिट में बिना नाम लिए राहुल गांधी पर निशाना साधा था। उन्होंने राहुल गांधी को ‘फेल प्रोडक्ट’ कहा और तंज कसते हुए कहा कि श्रीहरिकोटा से एक साल में जितने रॉकेट लॉन्च होते हैं, उतनी बार कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने की असफल कोशिशें करती है। इस बयान के बाद शशि थरूर ने पलटवार किया।
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थरूर ने कहा कि पीएम मोदी के आरोप निराधार हैं और राहुल गांधी पिछले कुछ महीनों में युवा मतदाताओं में नया उत्साह पैदा करने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है।

राहुल गांधी ने युवाओं में जोश जगाया है, थरूर का दावा
शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने युवाओं के बीच एक नई ऊर्जा और जोश को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के लिए चिंता का विषय है, इसलिए वह राहुल गांधी को बदनाम करने और उन्हें नाकाम नेता बताने की कोशिश कर रही है।
थरूर ने भाजपा को सलाह दी कि वह राहुल गांधी को नजरअंदाज करने की बजाय युवाओं के बीच उनके प्रभाव और जन-असंतोष पर ध्यान दें। यह बदलाव देश की राजनीति में नए सिरे से सोच और ऊर्जा का परिचायक है।
भाजपा की आलोचना और कांग्रेस के भीतर लोकतंत्र पर जोर
शशि थरूर ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह राहुल गांधी को लेकर लगातार नकारात्मक अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा राहुल गांधी को गंभीर नेता नहीं मानती, लेकिन यह दावा गलत है।
इसके साथ ही थरूर ने कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की भी बात की। उन्होंने बताया कि वे पार्टी के भीतर अलग विचार रखने के बावजूद विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष हैं और पार्टी के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेहरू-गांधी परिवार पर आरोपों का खंडन
पीएम मोदी ने कांग्रेस को नेहरू-गांधी परिवार का बोझ बताया था और कहा था कि पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस बात को स्वीकार करते हैं। शशि थरूर ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अलग मत रखने वालों को बाहर नहीं किया जाता और पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र मजबूत है। ये बातें कांग्रेस की स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों को दर्शाती हैं।
राजनीतिक परिदृश्य में राहुल गांधी की भूमिका
राहुल गांधी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर विपक्षी प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे हैं। इसके तहत उन्होंने राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला है।
यह सक्रिय भूमिका राहुल गांधी की राजनीतिक छवि को मजबूत करने में सहायक साबित हो रही है। युवा मतदाता इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं, जो कांग्रेस के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
भविष्य में राजनीतिक हलचल पर प्रभाव
पीएम मोदी और शशि थरूर के बीच यह जुबानी जंग आगामी चुनावों में राजनीतिक रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है। युवाओं के बीच बढ़ती राहुल गांधी की लोकप्रियता भाजपा के लिए चुनौती प्रस्तुत करती है।
इस पर भाजपा को ध्यान देना होगा क्योंकि युवा मतदाता देश के भविष्य के लिए निर्णायक भूमिका निभाते हैं। आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की उम्मीद की जा रही है।



