मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने दिल्ली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। दरअसल, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद लगभग 47.7 लाख मतदाताओं के नाम इस सूची से बाहर कर दिए गए हैं। हालांकि, प्रभावित मतदाताओं को अपने नाम दोबारा जुड़वाने का पूरा मौका दिया जा रहा है।
दिल्ली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 47.7 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं
गौरतलब है कि दिल्ली में पंजीकृत कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से करीब 33 फीसदी नाम सूची में जगह नहीं बना पाए हैं। इसके तहत लगभग 97.5 लाख मतदाताओं के फॉर्म ही सत्यापित होकर डिजिटाइज हो सके हैं। इसलिए चुनाव आयोग ने हर तीसरे मतदाता का नाम बाहर होने की पुष्टि की है।
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इस बीच, 30 जून से 17 अगस्त 2026 तक राजधानी में सघन घर-घर सत्यापन अभियान चलाया गया था। नतीजतन, केवल 67.18 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन कार्य पूरा हो पाया।

रोहिणी और तुगलकाबाद में सत्यापन दर का बड़ा अंतर
दरअसल, राजधानी के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सत्यापन आंकड़ों में भारी अंतर देखा गया है। इसके तहत रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 83.43 प्रतिशत डिजिटाइजेशन दर्ज किया गया।
वहीं, तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र में सत्यापन दर सबसे कम दर्ज की गई। यहां केवल 52.15 प्रतिशत मतदाताओं का ही डिजिटाइजेशन संभव हो सका। इसके अलावा अन्य कई बाहरी इलाकों में भी आंकड़े काफी कम रहे हैं।
अनुपस्थित और स्थानांतरित श्रेणी में डाले गए बाहर हुए मतदाता
गौरतलब है कि बाहर किए गए 47.7 लाख मतदाताओं को विशेष श्रेणी में रखा गया है। चुनाव अधिकारियों ने इन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट के रूप में वर्गीकृत किया है।
इसके अलावा कई मतदाताओं को अनकलेक्टेबल श्रेणी में शामिल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक घर-घर जांच के दौरान इन मतदाताओं के पते सत्यापित नहीं हो सके। इसलिए इनके नाम सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।
बाहर किए जाने के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- मतदाताओं का संबंधित पते पर अनुपस्थित पाया जाना।
- नागरिकों का दूसरे पते या शहर में स्थानांतरित हो जाना।
- मतदाता सूची में डुप्लिकेट प्रविष्टियों की मौजूदगी होना।
- मतदाता की मृत्यु होने के बाद सत्यापन न हो पाना।

दिल्ली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म 6 भरें
बहरहाल, जिन योग्य नागरिकों के नाम सूची से छूट गए हैं, उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए सभी पात्र नागरिक 30 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
इसके तहत मतदाताओं को फॉर्म 6 भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। इसके अलावा संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालयों और मतदान केंद्रों पर भी गैर-शामिल मतदाताओं की सूची चस्पा की गई है।
चुनाव आयोग 4 नवंबर को जारी करेगा अंतिम मतदाता सूची
फिलहाल, चुनाव आयोग प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की विस्तृत जांच करेगा। इसके बाद 29 अक्टूबर 2026 तक आपत्तियों के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया समाप्त कर ली जाएगी।
नतीजतन, आयोग 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी करेगा। इसलिए सभी छूटे हुए मतदाता समय रहते अपने दस्तावेजों के साथ नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी कर लें।



