नई दिल्ली। चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर विपक्षी दल लगातार सवाल उठाते रहे हैं। अब पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाय कुरैशी ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि इस प्रक्रिया की नीयत ठीक नहीं है। इस प्रक्रिया के तहत करोड़ों वोटर्स के नाम हटाए गए हैं। यह लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ है।
वोट देने का अधिकार खैरात नहीं
एसवाय कुरैशी ने कहा कि वोट देने का अधिकार चुनाव आयोग की तरफ से दी कोई खैरात नहीं है। मुझे लगता है कि पूरी एसआईआर प्रक्रिया की नीयत ठीक नहीं है. जिस तरह से करोड़ों वोटरों के नाम हटाए गए हैं। वह लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ है। आप भारत के नागरिक हैं। मैं भारत का नागरिक हूं। वोट देना हमारा संवैधानिक अधिकार है। अनुच्छेद 326 कहता है कि हर किसी का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। इसलिए यह चुनाव आयोग की तरफ से कोई खैरान नहीं है। वे आपको यह अधिकार देंगे।
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बंगाल चुनाव का किया जिक्र
कुरैशी ने कहा है कि चुनाव आयोग वोटरों की जिंदगी मुश्किल बना रहा है। बंगाल चुनाव के दौरान 27 लाख वोटर वोट नहीं दे पाए। इसका असर नतीजों पर पड़ा है। साथ ही कहा है कि नागरिकों के बचाव में आगे न आकर सुप्रीम कोर्ट ने भी हमें निराश किया। बंगाल, बिहार और असम के मुख्यमंत्रियों ने कहा कि अगर वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं है, तो आप कई अन्य अधिकार भी खो देंगे।



