श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को तोड़ने के आरोपों पर भाजपा भड़क गई है। भाजपा ने उमर अब्दुल्ला को कानूनी नोटिस जारी कर अगले 7 दिनों के भीतर अपना बयान वापस लेने और माफी मांगने को कहा गया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ 100 करोड़ रुपये के आपराधिक मानहानि के मुकदमे की चेतावनी दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा की जम्मू कश्मीर यूनिट ने सीएम अब्दुल्ला को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस अब्दुल्ला की तरफ से किए दावे पर भेजा गया है, जिसमें कहा था कि भाजपा ने उनकी सरकार गिराने की कोशिश की। साथ ही एक विधायक को 20 से 30 करोड़ रुपए देने की पेशकश की थी।
👉 यह भी पढ़ें:
- Jammu-Kashmir : पूर्ण राज्य के दर्जे पर बोले उमर अब्दुल्ला-क्या ट्रंप साहब से लगाऊं गुहार
- Jammu-Kashmir में भी ऑपरेशन लोटस, सीएम उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर लगाया विधायकों को 20-30 करोड़ के ऑफर देने का आरोप
- तिरंगे का सम्मान सबसे ऊपर: उमर अब्दुल्ला ने रिबन काटने से किया इनकार, दिखाई संवेदनशीलता
- बीएमसी चुनाव में महायुति की जीत पर उमर अब्दुल्लाह की प्रतिक्रिया: बोले—अब मुंबई की तरक्की की ज़िम्मेदारी बीजेपी की
- जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा-लाइफ सपोर्ट पर है इंडिया गठबंधन, कभी भी आईसीयू में जाने का खतरा
- नेशनल कॉन्फ्रेंस में उमर अब्दुल्ला बनाम आगा सैयद रुहुल्ला की जंग तेज
उमर अब्दुल्ला बोले-यह प्रेम पत्र है
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर रिएक्शन देते हुए मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने पार्टी मुख्यालय में मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि वह इसे बहुत बड़ा सम्मान मानते हैं। कानूनी नोटिस नहीं यह प्रेम पत्र है। सीएम अब्दुल्ला ने कहा है कि मुझे एक वकील से पत्र मिला है। एक इलेक्ट्रॉनिक कॉपी है। इसे बहुत बड़ा सम्मान मानता हूं। जम्मू कश्मीर में मैं अकेला ऐसा राजनेता हूं, जिसे भाजपा ने इस तरह का लव लेटर भेजा है। मैं इसे सम्मान की बात मानता हूं। जाहिर है कि जम्मू कश्मीर में मैं एक ऐसी राजनीतिक ताकत हूं, जिसे वह नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।
यह भाजपा के लड़ने के तरीका का प्रतीक
अब्दुल्ला ने कहा कि यह भाजपा के लड़ने के तरीके का प्रतीक है। वे राजनीतिक लड़ाई लड़ते हैं। अदालतों की आड़ लेते हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि मैं भी वही बयान दे सकता था। विधानसभा की आड़ ले सकता था। मैं विधानसभा में ऐसे बयान देकर मिले विशेषाधिकारों का फायदा उठा सकता था। उन्हें विधानसभा के बाहर चुनौती नहीं दी जा सकती। मैंने ऐसा नहीं किया। किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि खासकर एक नेता ने बार-बार हम पर बेबुनियाद और अपमानजनक आरोप लगाए हैं। हम उनसे राजनीतिक रूप से लड़ते रहे हैं। अब हम उस खास भाजपा नेता और कुछ अन्य लोगों को कानूनी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। हम देखते हैं कि यह प्रक्रिया कहां खत्म होती है।
नोटिस में भाजपा ने क्या कहा
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि ये आरोप सिविल और क्रिमिनल दोनों कानूनों के तहत मानहानि के दायरे में आते हैं। इसमें सीएम से अपने आरोप लिखित रूप से वापस लेने को कहा गया है। इसमें कहा गया है कि नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगे। भाजपा के बारे में कोई भी और अपमानजनक सामग्री छापने या फैलाने से बचें। ऐसे बयान देने या दोहराने से तुरंत रुकें।



