नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों Indian Railways का एक Video तेज़ी से Viral हो रहा है। वीडियो में एक ट्रेन के कोच के अंदर धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ होता दिखाई दे रहा है। इसमें एक पुजारी ट्रेन के डिब्बे के फर्श पर बैठकर पूजा-अर्चना करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि क्या ट्रेन के अंदर धार्मिक समारोह आयोजित करने की अनुमति होती है?
इस पूरे मामले पर Northern Railway ने आधिकारिक X अकाउंट के जरिए सफाई दी। रेलवे के मुताबिक, वायरल वीडियो किसी सामान्य यात्री कोच का नहीं, बल्कि निजी तौर पर बुक की गई सैलून कार (Salon Car) का है।
👉 यह भी पढ़ें:
- Udhayanidhi Stalin Controversy: तृषा के नाम पर उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी से बवाल, TVK-BJP ने मांगी कार्रवाई; कावेरी विवाद के बीच बढ़ा सियासी घमासान
- Rahul Gandhi Viral Video: हिरासत के बाद छत्रसाल स्टेडियम से राहुल गांधी का VIDEO वायरल, बोले- ‘छात्रों की आवाज दबाई जा रही है’
- India’s First Hydrogen Train: पीएम मोदी आज दिखाएंगे हरी झंडी, हरियाणा से शुरू होगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन; जानें किराया, स्पीड और खासियत
- Bangkok Fire Tragedy: थाईलैंड के नाइट क्लब में भीषण आग, 27 की मौत, 60 से ज़्यादा घायल; अफरा-तफरी के डरावने वीडियो वायरल
- IND vs ENG: नेट्स में चोटिल हुए Vaibhav Suryavanshi, दर्द से कराहते रहे युवा स्टार, वायरल Video ने बढ़ाई फैंस की टेंशन
- Vande Bharat Express में अचानक आई बड़ी तकनीकी खराबी! 4 घंटे तक ट्रैक पर रुकी रही ट्रेन, यात्रियों में बढ़ी बेचैनी
रेलवे ने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान एक Commercial Booking के तहत बुक की गई सैलून कार के अंदर आयोजित किया गया था। यह बुकिंग Indian Railway Catering and Tourism Corporation> (IRCTC) के माध्यम से की गई थी और इसके लिए पार्टी ने ₹3,08,580 का अग्रिम भुगतान किया था।
जानकारी के अनुसार, सैलून कार की बुकिंग 8 जुलाई 2026 को हुई थी। इसे 10 जुलाई 2026 को नई दिल्ली (NDLS) से मुंबई (BDTS) जाने वाली ट्रेन संख्या 12926 पश्चिम एक्सप्रेस से जोड़ा गया था।
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सैलून कार एक निजी और लग्जरी रेल कोच होती है, जिसे विशेष बुकिंग पर उपलब्ध कराया जाता है। इसमें वातानुकूलित बेडरूम, बैठक कक्ष, भोजन कक्ष, रसोई और संलग्न शौचालय जैसी सुविधाएं होती हैं तथा इसका उपयोग आमतौर पर विशेष यात्राओं और निजी बुकिंग के लिए किया जाता है।
उत्तरी रेलवे ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, समयबद्धता और रेल संचालन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस घटना के दौरान किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा पुजारी उसी निजी तौर पर बुक की गई सैलून कार में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा था।
आपकी राय क्या है?
अगर कोई सैलून कार निजी तौर पर बुक करता है, तो क्या उसमें धार्मिक या निजी समारोह आयोजित करने की अनुमति होनी चाहिए, या रेलवे को ऐसे आयोजनों पर अलग नियम बनाने चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।



