मिडिल ईस्ट: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हालात और गंभीर होते दिखाई दे रहे हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के दावों के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान के कई ठिकानों पर हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। हालांकि, दोनों पक्षों के सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी हितों से जुड़े ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। ईरान के अनुसार, जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर ईंधन टैंक और मिसाइल डिपो को निशाना बनाया गया, जबकि बहरीन में अमेरिकी ड्रोन कमांड सेंटर पर भी हमला किया गया।
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ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमले जारी रहे तो वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा।
वहीं, Jordan ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलों में से चार को मार गिराया। दूसरी ओर, Kuwait ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली सक्रिय है और उसने कई मिसाइलों को रोकने की कार्रवाई की है।
कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने हाल के दिनों में ईरान से जुड़े कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। वहीं, कुवैत ने दावा किया कि उत्तरी सीमा की तीन चौकियों को नुकसान पहुंचा है और एक ड्रोन हमले में कुवैत ऑयल कंपनी के एक ऑफशोर ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर कार्यरत एक कर्मचारी घायल हुआ।
क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों देशों के बीच यह टकराव और व्यापक संघर्ष का रूप लेगा।



