काठमांडू: तिब्बत से शुरू हुई अचानक आई विनाशकारी Flash Flood ने मध्य नेपाल में भारी तबाही मचा दी है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 157 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 750 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें कम से कम 133 भारतीय नागरिक शामिल हैं। कई गांव और कस्बे तबाह हो गए हैं, 19 पुल बह गए हैं और करीब एक दर्जन Hydropower Projects को नुकसान पहुंचा है।

भूकंप के कुछ मिनट बाद आई बाढ़
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नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि तिब्बत क्षेत्र में सुबह 8:37 बजे भूकंप आया था और करीब तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ की सूचना मिली। शुरुआती आशंका है कि भूकंप के झटकों से ग्लेशियर या चट्टानी हिस्सा टूटने के कारण भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे आया होगा। हालांकि, बाढ़ के सटीक कारण की वैज्ञानिक जांच अभी जारी है।
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर भोटेकोशी और त्रिशूली नदी तंत्र पर पड़ा। तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, पत्थर और मलबा लेकर आया, जिससे सड़कें, पुल, घर और दूसरी बुनियादी सुविधाएं बह गईं।

400 से ज्यादा विदेशी पर्यटक लापता
नेपाल के पर्यटन अधिकारियों के अनुसार, 400 से ज्यादा पर्यटकों के लापता होने की खबर है। इनमें करीब 340 विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 133 भारतीयों के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और कनाडा के नागरिक भी शामिल हैं। कई भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे।
तिब्बत के प्रभावित हिस्से में भी भारी नुकसान हुआ है। चीन के सरकारी स्रोतों के अनुसार वहां तीन लोगों की मौत और 265 लोगों के लापता होने की सूचना है।
बचाव अभियान जारी, भारत ने भेजी राहत
नेपाल में सेना और पुलिस की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित होने से लापता लोगों की पहचान और संपर्क में मुश्किलें आ रही हैं। भारत ने नेपाल को मानवीय सहायता भेजनी शुरू कर दी है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी इस त्रासदी पर दुख जताते हुए नेपाल के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की है।



