प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली छह बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं में गुणवत्ता और काम की गति को लेकर सख्त रुख अपनाया और साफ कहा कि निर्माण कार्य में क्वालिटी से किसी भी कीमत पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मासिक PRAGATI समीक्षा बैठक के दौरान पीएम मोदी ने केंद्र सरकार के सचिवों और राज्यों के मुख्य सचिवों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि अगर मौजूदा थर्ड-पार्टी ऑडिट सिस्टम अपेक्षित परिणाम नहीं दे रहा है, तो क्या अब ‘फोर्थ-पार्टी ऑडिट’ की जरूरत है?
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प्रधानमंत्री ने कहा कि थर्ड-पार्टी क्वालिटी ऑडिट सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन निर्माण और सार्वजनिक परियोजनाओं में सामने आ रही गुणवत्ता संबंधी शिकायतें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि मौजूदा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसी लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
30,000 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में रेलवे, सड़क और बिजली क्षेत्र से जुड़ी छह परियोजनाओं की समीक्षा की गई। ये परियोजनाएं देश के नौ राज्यों में फैली हैं और इनकी कुल अनुमानित लागत 30,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
पीएम मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को अलग-अलग पैकेज या हिस्सों के रूप में नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड सिस्टम के तौर पर देखा जाए। उन्होंने आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ हर स्तर पर क्वालिटी कंट्रोल और निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया।
बिजली उत्पादन के साथ ट्रांसमिशन भी जरूरी
पावर सेक्टर की एक परियोजना की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। उसके साथ पर्याप्त ट्रांसमिशन क्षमता भी जरूरी है। उन्होंने इसे उदाहरण के जरिए समझाते हुए कहा कि जिस तरह नहरों के बिना बांध अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकता, उसी तरह ट्रांसमिशन नेटवर्क के बिना अतिरिक्त बिजली उत्पादन का पूरा लाभ नहीं मिलेगा।
पीएम मोदी के इस रुख से साफ है कि सरकार अब स्पीड के साथ क्वालिटी को भी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का अहम मानक बनाना चाहती है।
आपकी राय क्या है? क्या सरकारी निर्माण परियोजनाओं में थर्ड-पार्टी ऑडिट के साथ फोर्थ-पार्टी ऑडिट लागू किया जाना चाहिए? क्या इससे भ्रष्टाचार और खराब गुणवत्ता पर लगाम लग सकती है? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।



